युवाओं को कॉकरोच और अंधभक्त समझना बंद करे BJP, देश में लग चुकी है आर्थिक इमरजेंसी' : जगत सिंह नेगी

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर अब आम जनता की जेब पर पड़ने लगा है। देश के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दामों में तीसरी बार रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है

May 23, 2026 - 19:57
 0  4
युवाओं को कॉकरोच और अंधभक्त समझना बंद करे BJP, देश में लग चुकी है आर्थिक इमरजेंसी' : जगत सिंह नेगी

शिमला 23 मई, 2026 : 


मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर अब आम जनता की जेब पर पड़ने लगा है। देश के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दामों में तीसरी बार रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आज ही पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे का इजाफा हुआ, जिसके बाद राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में पेट्रोल की कीमतें ₹100 के पार पहुंच गई हैं।

इस मुद्दे को लेकर हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र की मोदी सरकार पर चौतरफा हमला बोलते हुए  उन्होंने देश के मौजूदा हालातों की तुलना 'आर्थिक इमरजेंसी' से करते हुए युवाओं के मुद्दे और केंद्र की विदेश व आर्थिक नीतियों पर जमकर निशाना साधा।

राजस्व मंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों को घेरते हुए कहा कि लोगों को कुछ समय के लिए बेवकूफ बनाया जा सकता है, लेकिन हमेशा के लिए नहीं। उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि 12 वर्ष पहले जब केंद्र में मोदी   सरकार  आई थी कच्चे तेल का रेट प्रति बैरल लगभग 108 डॉलर ही था,और आज भी परिस्थियां ज्यादा बदली नही है फिर भी पेट्रोल का दाम 100 रुपये के पार हो गया है।जबकि केंद्र में जब कांग्रेस सरकार थी उस समय जनता को ₹55 में पेट्रोल मिलता था, लेकिन बीजेपी सरकार की गलत नीतियों के कारण दाम ₹100 के पार चले गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की आर्थिक और विदेश नीतियां पूरी तरह फेल हो चुकी हैं। चुनाव (असम और बंगाल) के समय वोटों के लिए दाम नहीं बढ़ाए गए, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया गया।

जगत सिंह नेगी ने देश के मौजूदा हालातों को बेहद डरावना बताते हुए कहा कि देश इस समय दो तरह की इमरजेंसी से जूझ रहा है एक तो अघोषित राजनीतिक इमरजेंसी जिसमे देश में आज बोलने की आजादी छीन ली गई है। जो भी सरकार के खिलाफ सवाल उठाता है, उसके पीछे ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) लगा दी जाती है।

वही आर्थिक इमरजेंसी को केंद्र सरकार खुद मान रही है कि महंगाई बेकाबू है। प्रधानमंत्री देश की जनता से कह रहे हैं कि पेट्रोल की खपत कम करो और शादियों में गहने मत खरीदो। यह इस बात का साफ संकेत है कि देश आर्थिक कंगाली की कगार पर है और आने वाला समय बहुत भयानक होने वाला है।

राजस्व मंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस समय पर्यटन सीजन  अपने चरम पर है। इसके तुरंत बाद सेब का सीजन भी शुरू होने वाला है। एक तरफ जहां प्रदेश पहले से ही मौसम की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर केंद्र सरकार ने हिमाचल की आर्थिकी की कमर तोड़ने का काम किया है।

उन्होंने अंत में तंज कसते हुए कहा कि केंद्र सरकार को अब भी समय रहते 'अडानी-अंबानी के चुंगल' से बाहर निकल आना चाहिए और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय की आर्थिक नीतियों पर दोबारा विचार करना चाहिए, ताकि देश को इस कंगाली के दौर से बाहर निकाला जा सके।

 मंत्री जगत सिंह ने एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा 'कॉकरोच' वाली टिप्पणी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है कि देश की सत्ता पर बैठे लोगों की सोच क्या है। हमारे देश के युवाओं को 'कॉकरोच' समझना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी ने युवाओं को सिर्फ 'अंधभक्त' मान रखा है। चाहे पेपर लीक मामला हो, नौकरियां खत्म करना हो, या फिर सरकारी क्षेत्रों का निजीकरण करना युवाओं को हर मोर्चे पर प्रताड़ित किया गया है। उन्होंने कहा लेकिन इस बहाने अब युवा जाग रहे हैं और उन्हें अपनी बात कहने का मौका मिला है, जो कि देश के भविष्य के लिए बहुत बढ़िया बात है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow