यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी 13-12-2024
हिमाचल प्रदेश सहित मंडी जिला में कई ऐसे स्थान हैं, जहां बेहद चीड़ और देवदार के घने जंगल पाए जाते हैं। इसमें कई प्रकार के वन्य प्राणी भी पाए जाते हैं। उन्हीं में एक ऐसा जानवर है जो बेहद खतरनाक होता है। इसे हिमालयन बेयर कहा जाता है। मंडी जिला के बरोट और चौहार घाटी में हिमालयन बेयर जंगली जानवर पाया जाता है। कई बार यह लोगों को अपना शिकार बना लेता है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पालतू जानवरों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
इस हिमालयन बेयर को पहाड़ी रीछ भी कहा जाता है. यह आपको देश के कई चिड़ियाघरों में दिखाई दे सकता है, जिसका नाम हिमालयन रीछ ही होता है। आम तौर पर हिमालयन बेयर जानवरों समेत जंगली शहद को खाता है, लेकिन कई बार लोग भी इसका शिकार बन जाते हैं। यह बेहद चालाक और शक्तिशाली किस्म का जानवर है, जिसका रंग एकदम काला होता है। इसके नाखून एवं दांत इतने मजबूत और घातक होते हैं कि एक ही पंजा पड़ने पर इंसान का शरीर फट जाता है। इस हिमालयन बेयर का शरीर बड़ा होता है। टांगे और बाजू मोटी होती है।
नाखून एक दम पैने और बड़े होते हैं, जिस कारण यह खतरनाक साबित होता है। यह सर्वाहारी होता है। यह रीछ मांस, मछली और अन्य जड़ी बूटियां खाता है। यह रीछ हिमालय की तलहटी से लेकर तटीय मैदानों तक भारत में पाया जाता है। हिमाचल प्रदेश में ठंड के समय जब बहुत बर्फबारी होने लगती है और बाकी सभी जानवर ऊंचाई से तलहटी की ओर पलायन करते हैं। इससे उलट हिमालयन बेयर सर्दियों में हाइबरनेशन में चला जाता है। इसके बाद गुफाओं में खुद को पैक कर लेता है और सर्दियां खत्म होने के बाद ही फिर गर्मियों में हाइबरनेशन फैक्टर से बाहर आता है।