यातायात शुरू होने के तीन साल बाद भी कीरतपुर से नेरचौक तक का फोरलेन सफर के लिए सुरक्षित नहीं
तेज रफ्तार और सुरक्षित सफर के लिए बनाए गए फोरलेन पर सफर जान को जोखिम साबित हो रहा है। यातायात शुरू होने के तीन साल बाद भी कीरतपुर से नेरचौक तक का फोरलेन सफर के लिए सुरक्षित नहीं

यंगवार्ता न्यूज़ - बिलासपुर 31-08-2025
तेज रफ्तार और सुरक्षित सफर के लिए बनाए गए फोरलेन पर सफर जान को जोखिम साबित हो रहा है। यातायात शुरू होने के तीन साल बाद भी कीरतपुर से नेरचौक तक का फोरलेन सफर के लिए सुरक्षित नहीं हो पाया है। हर बरसात में कई जगह पहाड़ों से भूस्खलन से वाहनों की गति थम जाती है।
पहाड़ों की अवैज्ञानिक कटिंग से लोगों के लिए यह हाईवे वाहन चालकों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। अगस्त 2023 में इस फोरलेन को ट्रायल पर खोलने के बाद इसे सुचारु किया गया।
हालांकि हर बरसात में मैहला, समलेटू, थापना, दड़याना, पनोह और बलोह टोल प्लाजा के पास बड़े पैमाने पर भूस्खलन होता है। भूस्खलन के चलते मंडी भराड़ी में करीब आठ घर गिरने की जद में हैं। मैहला, थापना, समलेटू में हर बार बरसात में यातायात वनवे करना पड़ता है। यहां भूस्खलन से एक मौत भी हो चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजा मैहला के डडनाल जंगल में मूल अलाइनमेंट को बदलकर पहाड़ों की 90 डिग्री की कटिंग की गई। इससे बरसात में जानलेवा स्थितियां बनती हैं। वाहन चालक पिछले तीन साल से यहां वन-वे व्यवस्था के कारण परेशान हैं। इस हाईवे के निर्माण से निकले मलबे को कलवर्ट और पुलियों के आगे डंप कर दिया है। पुलों के दाएं-बाएं और नीचे मलबे के अंबार लगे हैं।
What's Your Reaction?






