मंडी जिला की 24 रेड जोन पंचायतों में नशे की रोकथाम के लिए एक सप्ताह में बनेगी विशेष रणनीति- अपूर्व देवगन

जिला स्तरीय नार्को समन्वय केन्द्र समिति (NCORD) की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां जैसे पुलिस, एनसीबी और एसटीएफ जब भी संपर्क करें

May 4, 2026 - 16:21
 0  2
मंडी जिला की 24 रेड जोन पंचायतों में नशे की रोकथाम के लिए एक सप्ताह में बनेगी विशेष रणनीति- अपूर्व देवगन
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
मंडी, 4 मई, 2026 :
जिला स्तरीय नार्को समन्वय केन्द्र समिति (NCORD) की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां जैसे पुलिस, एनसीबी और एसटीएफ जब भी संपर्क करें, राजस्व विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचें तथा यदि गवाह के रूप में बुलाया जाए तो संबंधित विभागों के लिए उपस्थित होना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग्स की सप्लाई रोकने के साथ-साथ इसकी मांग को खत्म करने पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है और एक सप्ताह के भीतर 24 रेड जोन पंचायतों में  नशे की रोकथाम   के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी, जिसमें प्रत्येक विभाग की भूमिका स्पष्ट होगी।

उपायुक्त ने कहा कि भांग के पौधों के उगने के इस समय में वन विभाग को विशेष रूप से सक्रिय रहना होगा। निजी भूमि पर भांग उगाए जाने वाले की जानकारी मिल जाती है, लेकिन वन भूमि पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि वन भूमि पर भांग या पोस्त की अवैध खेती पाए जाने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और स्वतः उगे पौधों को भी नष्ट किया जाए। उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोपियों की संपत्ति जब्त करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि नशे के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

उपायुक्त ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्थित दुकानों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार के नशीले खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि अभी तक जिले में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। उन्होंने अपना विद्यालय कार्यक्रम के अन्तर्गत अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों का कम से कम महीने में एक बार या त्रैमासिक दौरा करें, ताकि युवाओं में नशे के प्रति सही संदेश पहुंचे।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभी तक जिले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 122 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 178 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें अफीम के 2, हेरोइन के 38, चरस के 69, प्रतिबंधित दवाओं के 6 तथा अवैध रूप से पोस्त और भांग की खेती के 7 मामले शामिल हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास   नशीले खाद्य पदार्थों की बिक्री  संबंधी कोई भी सूचना एसपी, एएसपी, डीएसपी या एसएचओ को दी जा सकती है और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम रोहित राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ दिनेश ठाकुर, डीएसपी दिनेश कुमार, जिला कल्याण अधिकारी समीर सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow