शुंकर खड्ड के बीच में बसाए गए दर्जनो परिवार,कभी भी बाढ़ का शिकार बन सकते है यह परिवार

कटासन देवी के समीप सुंकर के खड्ड के बीच में सरकार की ओर से दर्जनों लोगों को बसाया गया है। जिससे आने वाले बरसात में इन लोगों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पिछले साल यहां पर पांच परिरवार थे। जिनको बाढ़ के दौरान रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया था

Jun 16, 2025 - 20:39
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शुंकर खड्ड के बीच में बसाए गए दर्जनो परिवार,कभी भी बाढ़ का शिकार बन सकते है यह परिवार
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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खड्ड में बीचोबीच एक औद्योगिक इकाई की  की जा रही स्थापित 

यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन     16-06-2025

कटासन देवी के समीप सुंकर के खड्ड के बीच में सरकार की ओर से दर्जनों लोगों को बसाया गया है। जिससे आने वाले बरसात में इन लोगों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पिछले साल यहां पर पांच परिरवार थे। जिनको बाढ़ के दौरान रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया था। खतरा होने के बावजूद उसी स्थान पर अब यहां पर दर्जन भर परिवार बसा दिए है। जो की कभी भारी बरसात के दौरान बाढ़ के शिकार बन सकते है। 
 
प्राकृतिक आपदा से जुझते प्रदेश में कई जगह लोग जान बुझ कर इन आपदाओं को गले लगाने से गुरेज नहीं करते।हाल ही में में मणीपुर में प्राकृतिक आपदा से शहीद हुए हैं लांस नायक मनीष ठाकुर की अन्त्येष्टि संस्कार में पाया गया कि जहां पर अन्तिम संस्कार किया गया उस श्मशानघाट के बिल्कुल नजदीक शुंकर खड्ड के बीच में ही लोगों को बसाया गया है।

कोलर से समाज सेवक तथा राजपूत सभा के जिला प्रधान नरेश चौधरी ने बताया कि तत्कालीन सरकार की ओर से इन्हें यहां बसाते समय उनकी सुरक्षा का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आम आदमी को सुरक्षा की दृष्टि व प्राकृतिक आपदा के दृष्टिकोण से खड्ड के किनारों से लगभग दौ सौ मीटर दूर बसने के निर्देश दिए गए हैं उनका आरोप है कि इस खड्ड  में भयंकर बाढ आती है। 

पिछली बरसात में भी इन लोगों को बरसात में भयंकर बाढ से बमुश्किल बचाया गया था उस बचाव दल में जिला के प्रमुख प्रशासनिक व बचाव दल के सदस्यों को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। उस हादसे से सबक न लेते हुए भी प्रशासन ने  साठ सतहर लोगों को यहां  बसा दिया गया है।  जो किसी भी क्षण अचानक आने वाली बाढ़ का शिकार बन सकते है। 

उन्होंने सवाल उठाय है कि  क्या सरकार इन लोगों के जीवन से खिलवाड़ तो नहीं कर रही ? गौरतलब है कि शहीद मनीष ठाकुर के अन्तिम संस्कार में जिला प्रशासन के सभी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ साथ प्रमुख जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। क्या किसी के ध्यान में उन दर्जनों घरों की जिन्दगियों की तरफ ध्यान नहीं गया। 

इस क्षेत्र के शमशेर सिंह सैनी,तपेन्द्र सिंह आदि ने प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा उच्च न्यायालय  के मुख्य न्यायधीश से इस मामले में उचित संज्ञान लेने का आग्रह किया। इस स्थान से लगभग आधा किलोमीटर नीचे खड्ड  के बीच में औद्योगिक इकाई भी स्थापित की जा रही है जो कभी भी बाढ़  का शिकार हो सकती है ।

क्या इसकी अनुमति देते हुए सुरक्षा के पैमाने का ध्यान नहीं रखा गया है। लोगों ने इन परिवार कों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की है। जिससे अनहोनी घटना से बचा सके। 

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