सीबीआई करेगी विमल नेगी माैत मामले की जांच, हाईकोर्ट ने सीबीआई को साैंपने के पारित किए आदेश  

हिमाचल हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी माैत मामले की जांच सीबीआई को साैंपने के आदेश पारित किए हैं। शुक्रवार सुबह न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने यह फैसला सुनाया

May 23, 2025 - 15:40
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सीबीआई करेगी विमल नेगी माैत मामले की जांच, हाईकोर्ट ने सीबीआई को साैंपने के पारित किए आदेश  
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     23-05-2025

हिमाचल हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी माैत मामले की जांच सीबीआई को साैंपने के आदेश पारित किए हैं। शुक्रवार सुबह न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने आदेश दिए कि जांच को विश्वसनीयता प्रदान करने के लिए मामले को सीबीआई को साैंपा जाए। 

केंद्रीय जांच ब्यूरो यह सुनिश्चित करेगा कि हिमाचल प्रदेश कैडर का कोई भी अधिकारी जांच के लिए गठित विशेष जांच दल का हिस्सा नहीं होगा।  अदालत ने  विमल नेगी की पत्नी की याचिका को स्वीकार करते हुए ये आदेश पारित किए।  विमल नेगी की पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि उनके पति की रहस्यमय परिस्थितियों में माैत हुई है और इसकी निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहती है कि मौत पोस्टमार्टम किए जाने से करीब पांच दिन पहले हुई थी। विमल नेगी 10 मार्च से लापता थे। उनका शव 18 मार्च को मिला व 19 को पोस्टमार्टम हुआ। 10 से लेकर  14 मार्च तक विमल कहां रहे, इस आधार पर एसआईटी ने कोई भी जांच नहीं की।  

परिवार को संदेह है कि इसमें कोई गड़बड़ी है। एसआईटी इस पहलू की जांच नहीं कर रही थी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने विशिष्ट लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी और आरोपियों के नाम का उल्लेख किया था, लेकिन एफआईआर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई थी। 

सरकार विभिन्न प्लेटफार्मों पर कह रही है कि परिवार जांच से संतुष्ट है, जोकि गलत है।  अदालत ने मामले में शिमला पुलिस को कठघरे में खड़ा करते हुए  कहा कि शिमला पुलिस दो माह बीत जाने पर भी किसी नतीजे नहीं पर नहीं पहुंची। 

बता दें, हाईकोर्ट में बीते बुधवार को इस मामले में न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद टिप्पणी की थी कि डीजीपी और एसपी के आपसी टकराव की वजह से मामले में न्याय मिलने में देरी हो रही है। कोर्ट ने कहा कि न्याय ही होना नहीं चाहिए, बल्कि व्यावहारिकता में होते हुए दिखना भी चाहिए। 

कोर्ट ने डीजीपी, एसपी शिमला और एसीएस ओंकार शर्मा की जांच रिपोर्ट पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की जांच सीबीआई को देने पर फैसला सुरक्षित रखा था। आज फैसला सुनाते हुए मामले को सीबीआई को साैंपने के आदेश पारित किए।

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