किशाऊ बांध परियोजना पर बनी सहमति, हिमाचल को हर साल 600 करोड़ की आमदनी की उम्मीद- हर्षवर्धन चौहान

लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर अटकी किशाऊ बांध परियोजना अब सुलझती नजर आ रही है। इस परियोजना को लेकर कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि लंबे समय से लटका यह प्रोजेक्ट अब सैटल हो गया है और इसके लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बधाई के पात्र हैं।

Jun 18, 2026 - 20:46
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किशाऊ बांध परियोजना पर बनी सहमति, हिमाचल को हर साल 600 करोड़ की आमदनी की उम्मीद- हर्षवर्धन चौहान
यंगवार्ता न्यूज शिमला 18 जून, 2026 : 

लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर अटकी किशाऊ बांध परियोजना अब सुलझती नजर आ रही है। इस परियोजना को लेकर कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि लंबे समय से लटका यह प्रोजेक्ट अब सैटल हो गया है और इसके लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बधाई के पात्र हैं। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इस परियोजना से हिमाचल प्रदेश के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया कि बांध परियोजना का एक हिस्सा हिमाचल प्रदेश और दूसरा हिस्सा उत्तराखंड में स्थित होगा। वहीं, परियोजना का मुख्य कार्यालय विकासनगर में स्थापित किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि परियोजना से प्रभावित होने वाले लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और सरकार उन्हें बहुत अच्छा पैकेज देगी। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना से प्रदेश को लगभग 600 करोड़ रुपये की आमदनी होगी, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।हर्षवर्धन चौहान ने इसे एक बहुत अच्छी शुरुआत बताते हुए कहा कि पहले की कई परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन इस परियोजना में राज्य को बिना अतिरिक्त खर्च के लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना प्रदेश के विकास और राजस्व वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के हिमाचल दौरे के बाद बल्क ड्रग पार्क परियोजना और केंद्र से मिलने वाली सहायता को लेकर प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नड्डा का हिमाचल आगमन स्वागत योग्य है, लेकिन बल्क ड्रग पार्क को किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित किए जाने की अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है।

हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने यह परियोजना बिडिंग प्रक्रिया के आधार पर हासिल की है और इसे दूसरे राज्य में शिफ्ट करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने बताया कि फार्मास्युटिकल मंत्रालय स्वयं इस परियोजना की निगरानी कर रहा है और इस दिशा में हिमाचल का काम अन्य राज्यों की तुलना में आगे चल रहा है। मंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए पानी उपलब्ध कराने का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा अगले तीन महीनों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी। बिजली उपलब्ध कराने का कार्य भी जल्द पूरा होगा। उन्होंने बताया कि पर्यावरणीय मंजूरी मिलने में कुछ समय लगा, लेकिन अब परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। यह एक जीरो लिक्विड वेस्ट परियोजना होगी और अगले छह महीनों में बल्क ड्रग पार्क शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में परियोजना की लागत सीमा 2,000 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब इसकी लागत बढ़कर 2,500 करोड़ रुपये हो गई है। ऐसे में केंद्र सरकार को अतिरिक्त लागत की भरपाई करनी चाहिए।

वहीं, आपदा राहत के लिए 1,500 करोड़ रुपये की सहायता के मुद्दे पर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि जे.पी. नड्डा के आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से मांगी जाने वाली हर जानकारी और क्वेरी का जवाब राज्य सरकार देती रही है, लेकिन अब तक एक भी पैसा प्राप्त नहीं हुआ है। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों को ओपीएस लागू कर दी है, जबकि भाजपा यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) की बात कर रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार से हिमाचल को पूरा सहयोग नहीं मिला है और वर्ष 2027 में प्रदेश में कांग्रेस सरकार दोबारा सत्ता में लौटेगी।

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