बैंक अधिकारी केवल ऋणदाता नहीं, बल्कि ऋण आवेदकों के मार्गदर्शक भी बनें - अनुपम कश्यप

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज बचत भवन के सभागार में जिला स्तरीय त्रैमासिक समीक्षा एवं सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी बैंकों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अधिक से अधिक लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने तथा पात्र लाभार्थियों को उदारता के साथ ऋण उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य करें।

Jul 24, 2026 - 17:25
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बैंक अधिकारी केवल ऋणदाता नहीं, बल्कि ऋण आवेदकों के मार्गदर्शक भी बनें - अनुपम कश्यप
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 24 जुलाई, 2026 : 

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज बचत भवन के सभागार में जिला स्तरीय त्रैमासिक समीक्षा एवं सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी बैंकों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अधिक से अधिक लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने तथा पात्र लाभार्थियों को उदारता के साथ ऋण उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य करें।

उपायुक्त ने कहा कि लोगों को बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। इसके दृष्टिगत प्रत्येक 60 दिन में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें लोगों को प्रदान की गई बैंकिंग सुविधाओं, ऋण तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगली बैठक 24 अगस्त को आयोजित की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि जिला में 1 जनवरी से 31 मार्च, 2026 तक 729 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किए गए। इस पर उपायुक्त ने बैंकों को निर्देश दिए कि वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने से पूर्व संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।

उपायुक्त ने सभी बैंक अधिकारियों से अपनी क्षमता से बढ़कर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारी उनके पास आने वाले प्रत्येक ऋण आवेदक के लिए पथ-प्रदर्शक की भूमिका निभाएं। इससे न केवल समाज के कमजोर वर्गों को लाभ मिलेगा, बल्कि बैंक भी अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि यदि सभी मिलकर समन्वित प्रयास करेंगे तो जिला शिमला प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। बैठक में बैंकों के माध्यम से केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा उपायुक्त ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 31 मार्च, 2026 तक जिला में 1 लाख 95 हजार खाते खोले जा चुके हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत 4 लाख 4 हजार लाभार्थी तथा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 1 लाख 75 हजार लाभार्थी पंजीकृत हैं। वहीं, अटल पेंशन योजना के अंतर्गत 88,058 लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया है।

जिला के 437 स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा गया है, जिन्हें 12 करोड़ 82 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया गया है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना के तहत 31 मार्च, 2026 तक 139 ऋण स्वीकृत किए गए, जिनके अंतर्गत 51 लाख 10 हजार रुपये वितरित किए गए। इस तिमाही में जमा-ऋण अनुपात 46.88 प्रतिशत से बढ़कर 47.93 प्रतिशत हो गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि गत वित्तीय वर्ष के दौरान सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए 28 करोड़ 45 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत 67,900 खाताधारकों को 3,846.82 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया गया।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रायोरिटी सेक्टर में जिला के बैंकों ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल करते हुए 53.91 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है, जबकि नॉन-प्रायोरिटी सेक्टर में 624.22 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज की गई। इस प्रकार कुल उपलब्धि 97.98 प्रतिशत रही। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में इस तिमाही के दौरान 3.58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि शिक्षा ऋण में 1.05 प्रतिशत तथा गृह ऋण में 1.50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक ने उपायुक्त का स्वागत किया तथा उन्हें पिछली बैठक की कार्यवाही और अनुपालन रिपोर्ट से अवगत करवाया। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), नाबार्ड तथा विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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