जुन्गा में आवारा कुत्तों का बढ़ा आतंक,.- अस्पताल प्रशासन ने समाधान की उठाई मांग
जुन्गा कस्बे में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। कस्बे में झुंड के रूप में घूम रहे आवारा कुत्तों के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और राहगीरों पर हमले तथा डॉग बाइट की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के कारण लोगों में भय का माहौल है।
यंगवार्ता न्यूज शिमला 10 जुलाई, 2026 :
जुन्गा कस्बे में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। कस्बे में झुंड के रूप में घूम रहे आवारा कुत्तों के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और राहगीरों पर हमले तथा डॉग बाइट की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के कारण लोगों में भय का माहौल है।
सबसे अधिक आवारा कुत्तों के झुंड सिविल अस्पताल जुन्गा के आसपास देखे जा रहे हैं, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थानीय पंचयात और पशुपालन विभाग द्वारा अब तक न तो कुत्तों की नसबंदी के लिए कोई प्रभावी अभियान चलाया गया है और न ही उनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
सिविल अस्पताल जुन्गा के चिकित्सा प्रभारी डॉ. मनोज वर्मा ने बताया कि अस्पताल में डॉग बाइट के कई मामले लगातार आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों का नियमित टीकाकरण नहीं होने से रेबीज का खतरा भी बना रहता है। इसके अलावा कुत्तों के झुंड सड़कों पर घूमने से वाहन दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। उन्होंने विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई बार बच्चों के लिए इन कुत्तों से बचना मुश्किल हो जाता है।
डॉ. वर्मा ने इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि संबंधित विभागों के समन्वय से जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
इस संबंध में तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि मामले को पशुपालन विभाग और स्थानीय पंचायत के साथ उठाया जाएगा तथा सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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