हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति का 21वां राज्य सम्मेलन शुरू

सोलन के कोठों स्थित ऑडिटोरियम में हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति का तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन शुक्रवार को शुरू हुआ। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश सरकार के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (आईएएस ) दीपक सानन ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ज्ञान विज्ञान समिति  प्रदेश का एक बड़ा संगठन है, जो पूरे प्रदेश में फैला है।

Jul 10, 2026 - 17:27
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हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति का 21वां राज्य सम्मेलन शुरू

यंगवार्ता न्यूज सोलन 10 जुलाई, 2026 : 


सोलन के कोठों स्थित ऑडिटोरियम में हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति का तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन शुक्रवार को शुरू हुआ। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश सरकार के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (आईएएस ) दीपक सानन ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ज्ञान विज्ञान समिति  प्रदेश का एक बड़ा संगठन है, जो पूरे प्रदेश में फैला है। उन्होंने कहा कि ज्ञान-विज्ञान समिति शिक्षा, स्वास्थ्य और नशा मुक्ति के लिए प्रदेश सरकार के साथ मिलकर में बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठित होकर कर ही हम सामाजिक बुराईयों को दूर कर सकते हैं।  आम लोगों, सामाजिक संगठन और सरकार मिलकर यदि कुछ कदम उठाती है तो उसके परिणाम सकारात्मक होते हैं।  कार्यक्रम की शुरूआत सगंठन के गीत से हुई। इसके बाद प्रोफेसर टीडी वर्मा ने राज्य सम्मेलन में आए सभी अतिथियों का स्वागत किया। एडवोकेट मनोज वर्मा ने सोलन के विकास और चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।


ज्ञान विज्ञान समिति के कार्यक्रम में प्रणव प्रणव थिएटर बियोंड थिएटर सोलन के कलाकारों ने नशे की बुराइयों से लोगों को जागृत जागरूक किया इस दौरान नुक्कड़ के माध्यम से उन्होंने विभिन्न नशा विशेष कर आज के दौर में सबसे प्रचलित चिट्टा के कारण और युवाओं में उनकी बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए कलाकारों ने चिट्टा से युवाओं को कैसे बचाया जाए परिवार का कैसे सहयोग मिले और नशा मुक्ति केंद्र किस तरह कार्य करते हैं इस पर सुंदर चित्रण किया। इस अवसर पर गुलाब सिंह जी ने नुक्कड़ में संगीत दिया और नुक्कड़ का निर्देशन संजीव अरोड़ा ने किया इस अन्य कलाकारों में हेमंत अत्री सोनू ,निगम, योगिता, अमन, अंजलि आदि कलाकारों ने भाग लिया।  नाटक के माध्यम से  इसमें कलाकारों ने पुराने नशे से लेकर आजकल का भयावह नशा चिट्टा के बारे में जागरूक किया। इस नाटक ने सभागार में मौजूद सभी लोगों को सोचने पर विवश किया।


समिति के महासचिव सत्यवान पुंडीर ने बताया कि विपरीत मौसम के बावजूद सम्मेलन में प्रदेशभर से लगभग 250 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान संगठन की आगामी कार्ययोजना, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने, सामाजिक सरोकारों तथा जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। उनका कहना है कि यह सम्मेलन प्रदेश में वैज्ञानिक चेतना, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


 इस मौके पर इसके अलावा उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से जन विज्ञान आंदोलन से जुड़े विशेषज्ञ  आशा मिश्रा, काशी नाथ चटर्जी, प्रो. प्रमोद गौरी,  डट. कुलदीप सिंह तंवर, सुमित्रा चंदेल, मनीषा हंस और पूर्व आईएएस अधिकारी शरभ नेगी, प्रो, जीडी गुलाटी, डॉ बीएस पंवार, ईएनसी जोगिंद्र चौहान, डॉ आरके अग्रवाल, सीताराम ठाकुर, उर्मिल ठाकुर, सुदेश ठाकुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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