भट्टाकूफर - सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चम्याणा सड़क बदहाल, मरीजों व कर्मचारियों को हो रही परेशानी

राजधानी शिमला से सटे भट्टाकूफर से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चम्याणा तक जाने वाली सड़क भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर गड्ढे, कीचड़ और भूस्खलन के कारण मरीजों, उनके परिजनों तथा अस्पताल के कर्मचारियों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Jul 10, 2026 - 17:16
 0  4
भट्टाकूफर - सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चम्याणा सड़क बदहाल, मरीजों व कर्मचारियों को हो रही परेशानी

यंगवार्ता न्यूज शिमला, 10 जुलाई, 2026 : 


राजधानी शिमला से सटे भट्टाकूफर से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चम्याणा तक जाने वाली सड़क भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर गड्ढे, कीचड़ और भूस्खलन के कारण मरीजों, उनके परिजनों तथा अस्पताल के कर्मचारियों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


  हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर ने शुक्रवार को जारी बयान में लोक निर्माण विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ों की अवैज्ञानिक ढंग से कटाई तथा पहाड़ी की लगभग 90 डिग्री पर कटिंग किए जाने से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इसके चलते कई पेड़ भी असुरक्षित होकर राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं।
डॉ. तंवर ने कहा कि इस सड़क के चौड़ीकरण को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए  हैं। उन्होंने बताया कि सड़क चौड़ी करने के लिए करीब 45 पेड़ काटे गए, लेकिन इसके बावजूद सड़क का समुचित सुधार नहीं हो पाया है।


उन्होंने कहा कि प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों मरीज उपचार के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चम्याणा पहुंचते हैं। इसके अलावा डॉक्टरों, नर्सों तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी इसी मार्ग से नियमित आवागमन करना पड़ता है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने आशंका जताई कि लगातार हो रहे भूस्खलन और पेड़ों के गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


डॉ. तंवर ने मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी आवश्यक कार्य शीघ्र करवाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध तरीके से सड़क का उचित रखरखाव नहीं किया गया तो हिमाचल किसान सभा अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।


इस संबंध में अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, शिमला, नवीन कौंडल ने कहा कि भट्टाकूफर से चम्याणा अस्पताल तक लगभग 700 मीटर का हिस्सा पूरी तरह यातायात योग्य है और इस पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे गिरे पेड़ वन विभाग के अधिकार क्षेत्र से संबंधित हैं, जिनकी कार्रवाई वन विभाग द्वारा की जानी चाहिए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow