कांगड़ा में राहुल गांधी का जिला अध्यक्षों के साथ संवाद, संगठन में बदलाव पर जोर
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कांगड़ा में आयोजित कांग्रेस की कार्यशाला के दौरान पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से आए जिला अध्यक्षों के साथ संवाद किया। यह 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को मजबूत करने और नई कार्यप्रणाली विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
काँगड़ा 30 अप्रैल, 2026 :
कार्यक्रम में बताया गया कि इस बार जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब कोई भी इच्छुक व्यक्ति आवेदन कर सकता है, जबकि पहले यह चयन नेताओं की सिफारिशों पर आधारित होता था। चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों की रुचि और विचारों को प्राथमिकता दी गई है। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कांग्रेस और बीजेपी की विचारधाराओं के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित है, जबकि दूसरी विचारधारा समाज में विभाजन पैदा करती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नीतियों, भविष्य की चुनौतियों और संगठन में आवश्यक सिस्टमैटिक बदलाव पर भी चर्चा की।
उन्होंने जिला अध्यक्षों से आम जनता के बीच जाने, समाज के हर वर्ग को जोड़ने और विपक्ष के लोगों को भी साथ लेकर चलने का आह्वान किया। राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी की सेवा राजनीति से नहीं, बल्कि जनभावना से प्रेरित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संगठन में कार्यरत एक जिला अध्यक्ष भी भविष्य में राज्यसभा सदस्य बन सकता है। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश में कर्ज का बोझ छोड़कर गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार उस कर्ज को चुकाने के लिए मजबूर है, साथ ही विकास कार्यों और पूंजीगत व्यय पर भी ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की है और स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर झूठ फैलाने और हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है और भविष्य में हिमाचल को एक समृद्ध और सशक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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