शिमला एसवीएम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का दो दिवसीय अभ्यास वर्ग संपन्न
खिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई, शिमला द्वारा दो दिवसीय अभ्यास वर्ग का आयोजन एसवीएम स्कूल, शिमला में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अभ्यास वर्ग दो दिनों तक चला, जिसमें संगठन के कार्यकर्ताओं को वैचारिक, संगठनात्मक तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया
एसवीएम में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का अभ्यास वर्ग रहा सफल एवं प्रेरणादायी कार्यक
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 15-03-2026
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई, शिमला द्वारा दो दिवसीय अभ्यास वर्ग का आयोजन एसवीएम स्कूल, शिमला में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अभ्यास वर्ग दो दिनों तक चला, जिसमें संगठन के कार्यकर्ताओं को वैचारिक, संगठनात्मक तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अभ्यास वर्ग में अनुशासन, सामूहिक शिक्षा, वैचारिक स्पष्टता, नेतृत्व विकास तथा परिसर सक्रियता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अभ्यास वर्ग में लगभग 70 छात्र एवं छात्रा कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जो शिमला के विभिन्न महाविद्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों से आए थे। वर्ग का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें संगठन की कार्यपद्धति, विचारधारा और छात्र हितों के लिए कार्य करने की दिशा में प्रेरित करना था।
अभ्यास वर्ग के दौरान प्रमुख वक्ताओं ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल शिक्षा प्राप्त करने का समय नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में स्वयं को तैयार करने का महत्वपूर्ण काल होता है। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मूल सिद्धांत “ज्ञान, शील और एकता” को जीवन में अपनाने पर बल दिया तथा विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया।
अभ्यास वर्ग के पहले दिन कुल तीन सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र प्रास्ताविक सत्र रहा, जिसमें अभ्यास वर्ग के उद्देश्य, कार्यक्रम की रूपरेखा तथा संगठन की कार्य दिशा पर प्रकाश डाला गया। दूसरे सत्र में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की वैचारिक यात्रा विषय पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें संगठन की स्थापना, उसकी विचारधारा, छात्र आंदोलनों में उसकी भूमिका तथा राष्ट्रहित के विभिन्न अभियानों में परिषद के योगदान को कार्यकर्ताओं के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
तीसरा सत्र सैद्धांतिक भूमिका विषय पर आधारित रहा, जिसमें विद्यार्थी परिषद की विचारधारा, संगठन के उद्देश्य तथा छात्र समाज में उसकी भूमिका पर गहन चर्चा हुई। दूसरे दिन भी तीन महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। चौथा सत्र कार्य पद्धति विषय पर केंद्रित रहा, जिसमें संगठनात्मक कार्यशैली, कार्यकर्ता के व्यवहार, दृष्टिकोण और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस सत्र में सत्र का संचालन विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश संगठन मंत्री धनदेव ठाकुर जी द्वारा किया गया उन्होंने बताया कि एक कार्यकर्ता को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किस प्रकार संयम, समर्पण और अनुशासन के साथ कार्य करना चाहिए।
पांचवां सत्र परिसर सक्रियता विषय पर रहा, जिसमें “कार्यक्रम से कार्य, कार्य से कार्यकर्ता तथा कार्यकर्ता से संगठन विकास” की अवधारणा को समझाया गया। इस सत्र में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने, परिसर में रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ाने तथा विद्यार्थियों के बीच संगठन के कार्यों को प्रभावी ढंग से पहुँचाने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
छठा और अंतिम सत्र व्यावहारिक सत्र के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। इस सत्र के अंतर्गत गीत सत्र, भाषण सत्र, मीडिया एवं सोशल मीडिया सत्र, पोस्टर लेखन सत्र तथा घेराव सत्र का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को छात्र आंदोलनों, जनसंपर्क, संवाद कौशल और रचनात्मक अभिव्यक्ति के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया।
अभ्यास वर्ग के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कार्यपद्धति के प्रमुख तत्व सामूहिकता, अनामिकता, पारस्परिकता और अनौपचारिकता पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं को बताया गया कि संगठन में प्रत्येक कार्य सामूहिक भावना से किया जाता है और व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र और छात्र समाज के हितों को प्राथमिकता दी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों में संवादात्मक चर्चा, प्रश्नोत्तर तथा अनुभव साझा करने की प्रक्रिया भी रही, जिससे कार्यकर्ताओं को अपने विचार व्यक्त करने तथा संगठनात्मक अनुभवों से सीखने का अवसर मिला।
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