लाहौल-स्पीति 01 मई 2026 :
सामरिक दृष्टि से अहम दारचा-शिंकुला-पदम सड़क पर बड़ा हादसा टल गया। शिंकुला दर्रे के समीप सीमेंट से लदा एक टिपर अचानक सड़क धंसने से बीचोबीच फंस गया और आग से ऊपर उठ गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 30 अप्रैल को टिपर सड़क से गुजर रहा था। अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया और टिपर भी वहीं फंस गया। यह मार्ग सामरिक महत्व का है और लद्दाख क्षेत्र को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों में शामिल है।
ऐसे में सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि यह सड़क सीमा सड़क संगठन की योजक परियोजना बना रही है। घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। सड़क धंसने व टिपर फंसने की सूचना के बाद बीआरओ ने मशीनरी तैनात कर सड़क को यातायात के लिए बहाल किया और टिपर को खाली करने के बाद निकाला गया। लाहौल-स्पीति जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रिगजिन समफेल हायरपा ने कहा कि इस मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क धंस रही है, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की यह स्थिति क्यों है। उन्होंने कहा कि इस मामले को केंद्र सरकार के भूतल परिवहन मंत्रालय के समक्ष उठाया जाएगा और निर्माण कार्य की जांच की मांग की जाएगी। हायरपा ने बताया कि इसी मार्ग पर सामरिक महत्व की शिंकुला सुरंग का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यदि सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर सुरंग निर्माण पर भी पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग की है।