क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए नई आधुनिक तकनीकों का पायलट स्तर पर होगा प्रयोग : लोक निर्माण मंत्री 

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए दो आधुनिक और प्रभावी तकनीकों ‘सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मैकाडम और ‘स्टेबलाइज्ड बेस लेयर तकनीक’ को परीक्षण के लिए चुना गया

Jan 13, 2026 - 18:36
Jan 13, 2026 - 18:44
 0  28
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए नई आधुनिक तकनीकों का पायलट स्तर पर होगा प्रयोग : लोक निर्माण मंत्री 
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   13-01-2026

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए दो आधुनिक और प्रभावी तकनीकों ‘सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मैकाडम और ‘स्टेबलाइज्ड बेस लेयर तकनीक’ को परीक्षण के लिए चुना गया है। शुरुआत में इन तकनीकों का प्रयोग ‘शोघीदृमेहली सड़क’ पर किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य में लगभग ‘35,000 किलोमीटर सड़कों’ का रखरखाव करता है और सड़क गुणवत्ता सुधारने तथा हर मौसम में सम्पर्क सुविधा सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि खराब मौसम और जलभराव के कारण राज्य की लगभग 20 प्रतिशत सड़कें बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे बार-बार मरम्मत करनी पड़ती है जिससे रखरखाव की लागत बढ़ जाती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई और टिकाऊ सड़क निर्माण तकनीकों को दीर्घकालीन उपाय के रूप में अपनाया जाएगा। 

मंत्री ने कहा कि केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के साथ चर्चा के बाद शोघीदृमेहली सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों पर इन तकनीकों से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इन तकनीकों से सड़कें अधिक मजबूत होने के साथ-साथ भारी यातायात के लिए सक्षम होंगी तथा पानी से होने वाले नुकसान से भी बेहतर रूप से बचाव होगा। 

जिससे बार-बार मरम्मत की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों से बनी सड़कें करीब 10 साल तक खराब न होने की उम्मीद है, जिससे रखरखाव खर्च कम होगा और लोगों को सुरक्षित व आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow