एचपीटीडीसी होटलों के निजीकरण पर कांग्रेस बेनकाब,एक ही नेता के दो बयान, सरकार में तालमेल शून्य: डॉ सहजल

भाजपा के पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल एवं प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एचपीटीडीसी के होटलों को निजी हाथों में सौंपने के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है और उसके भीतर किसी प्रकार का तालमेल नहीं बचा

Apr 4, 2026 - 12:36
Apr 4, 2026 - 12:46
 0  8
एचपीटीडीसी होटलों के निजीकरण पर कांग्रेस बेनकाब,एक ही नेता के दो बयान, सरकार में तालमेल शून्य: डॉ सहजल
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

सरकार कहे कुछ, नेता बोले कुछ,होटल बेचने की तैयारी, कांग्रेस की नीति और नीयत दोनों संदिग्धन : संदीपनी भारद्वाज

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   04-04-2026

भाजपा के पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल एवं प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एचपीटीडीसी के होटलों को निजी हाथों में सौंपने के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है और उसके भीतर किसी प्रकार का तालमेल नहीं बचा है।

डॉ. राजीव सहजल ने कहा कि एक ओर एचपीटीडीसी के अध्यक्ष आरएस बाली यह बयान दे रहे हैं कि उन्हें होटलों के निजीकरण की कोई जानकारी नहीं है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक रूप से यह भी स्वीकार किया जा रहा है कि सरकार इन होटलों को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि “यह दोहरी नीति नहीं, बल्कि कांग्रेस सरकार की ‘कन्फ्यूजन की सरकार’ का जीता-जागता उदाहरण है।”

उन्होंने कहा कि प्रदेश के पर्यटन विकास का आधार रहे एचपीटीडीसी के होटलों को घाटे का बहाना बनाकर निजी हाथों में देना प्रदेश की संपत्तियों को बेचने जैसा है। “कांग्रेस सरकार ‘घर भी बेचो, गहने भी बेचो’ वाली मानसिकता से काम कर रही है,” उन्होंने तंज कसते हुए कहा।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि यह सरकार पहले खुद ही संस्थानों को कमजोर करती है, फिर उन्हें घाटे में दिखाकर निजीकरण का रास्ता खोलती है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है, जिसमें प्रदेश की संपत्तियों को चुनिंदा लोगों के हाथों में सौंपने की तैयारी है।

उन्होंने कहा कि जिस सरकार के अपने नेता ही अलग-अलग बयान दे रहे हों, उससे यह साफ है कि सरकार के भीतर कोई समन्वय नहीं है। “यह सरकार ‘एक अनार सौ बीमार’ की तरह चल रही है—हर कोई अपनी-अपनी लाइन खींच रहा है और जनता के हित कहीं नजर नहीं आते,” उन्होंने तीखा राजनीतिक पंच किया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार जहां एक तरफ करोड़ों रुपये होटलों के निर्माण और मरम्मत पर खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हीं होटलों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। यह सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के संसाधनों और संपत्तियों को बचाने के बजाय उन्हें बेचने में लगी हुई है। “यह विकास नहीं, विनाश का मॉडल है,” उन्होंने कहा। राजीव सहजल और संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और कांग्रेस सरकार के इस फैसले का जोरदार विरोध करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने एचपीटीडीसी होटलों के निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया, तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन करेगी और सरकार की नीतियों को बेनकाब करेगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow