राज्य में अब कम छात्र संख्या वाले छात्रों के साथ चलने वाले सीनियर सेकेंडरी व हाई स्कूल होंगे डिमोट 

राज्य में अब कम छात्र संख्या वाले छात्रों के साथ चलने वाले सीनियर सेकेंडरी व हाई स्कूलों को डिमोट किया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से सीनियर सेकेंडरी व हाई स्कूलों को पूरी तरह से बंद करने की बजाय दर्जा घटाए जाने की योजना पर काम किया जा रहा

Aug 8, 2025 - 16:43
Aug 8, 2025 - 16:50
 0  29
राज्य में अब कम छात्र संख्या वाले छात्रों के साथ चलने वाले सीनियर सेकेंडरी व हाई स्कूल होंगे डिमोट 
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - धर्मशाला    08-08-2025

राज्य में अब कम छात्र संख्या वाले छात्रों के साथ चलने वाले सीनियर सेकेंडरी व हाई स्कूलों को डिमोट किया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से सीनियर सेकेंडरी व हाई स्कूलों को पूरी तरह से बंद करने की बजाय दर्जा घटाए जाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के हर जिला से आंकड़ों सहित विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय में जमा करवा दी गई है। 

हाल ही में प्रदेश सरकार व निदेशालय की ओर से 220 स्कूलों को बंद व मर्ज करने की नोटिफिकेशन जारी की गई है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा से कुल 11 स्कूलों के दर्जे घट सकते हैं, जिसमें तीन सीनियर सेकेंडरी व आठ उच्च स्कूलों में छात्र संख्या नाम मात्र होने पर निदेशालय को विस्तृत रिपोर्ट सहित भेजे गए हैं। 

प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल मर्ज व डिमोट होंगे। शिक्षा निदेशालय की ओर से इस बारे में सभी 12 जिलों से जमा विस्तृत रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। इसके तहत 20 बच्चों की संख्या वाले हाई और 25 की संख्या वाले वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। साथ ही कई स्कूलों का दर्जा भी घटाया जाएगा, जिसका फैसला निदेशालय की ओर से निचली कक्षाओं में छात्रों की संख्या को देखते हुए लिया जाएगा।

इस संबंध में सरकार व शिक्षा मंत्री की ओर से पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रदेश में सिंगल डिजिट में दाखिले वाले नौवीं से जमा दो कक्षा वाले स्कूलों को मर्ज व डिमोट किया जाना प्रस्तावित है। सभी जिलों की ओर से स्कूलों और उच्च शिक्षा निदेशालयों में स्टाफ आबंटन के प्रस्ताव भी बनाए गए हैं। 

गौरलतब है कि पिछले सप्ताह ही प्रदेश में विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 72 प्राइमरी और 28 मिडल स्कूल बंद कर दिए गए हैं। पांच या इससे कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 120 प्राइमरी स्कूल नजदीकी शिक्षण संस्थानों में मर्ज किए गए हैं। 

अब तक राज्य में 1420 स्कूलों को बंद और मर्ज किया है। उधर, इस संबंध में जिला कांगड़ा उच्च शिक्षा विभाग के उप-निदेशक विकास महाजन ने बताया कि राजकीय वरिष्ठ व उच्च स्कूल जहां पर छात्रों की संख्या नाममात्र हैं, ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट बनाकर निदेशालय भेजी गई है। इस पर जल्द निर्णय हेगा।  

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow