यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 25-05-2026
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर कल 1293 पंचायतों में ग्रामीण क्षेत्र की जनता द्वारा गांव की सरकार बनाने के लिए 26 मई को वोट डाले जाएंगे। इस दौरान मतदाताओं द्वारा पंचायतों में चुनाव लड़ने वाले 23 हजार से अधिक उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला राज्य की जनता की मोहर पर आधारित होगा। पांच वर्ष में एक बार होने वाले पंचायत चुनावों में इस बार कई दिलचस्प मामले सामने आ रहे हैं। पंचायत चुनाव को लेकर लॉउडस्पीकरों से प्रचार का शोर अब थम गया है, लेकिन अब मतदाताओं से एक अंतिम अपील करने के लिए उम्मीदवार घर-घर दस्तक दे रहे हैं। गांव-गांव में चौपालों से लेकर गलियों तक चली सियासी चर्चाओं के बीच अब मतदाता अपने फैसले की दहलीज पर खड़े हैं।
चुनाव को लेकर प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के मुताबिक संबंधित पंचायत क्षेत्रों में आने वाले सभी शराब के ठेके रविवार शाम तीन बजे से बंद कर दिए गए हैं, जो 26 मई को मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही दोबारा खुलेंगे। यानी अगले दो दिनों तक इन इलाकों में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही रविवार शाम तीन बजे से चुनावी प्रचार-प्रसार पर भी विराम लग गया है। अब प्रत्याशी न तो जनसभाएं कर सकेंगे और न ही लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार होगा। उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि आदर्श आचार संहिता और जारी आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन ने भी पंचायत चुनावों को लेकर सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीण इलाकों में उत्साह चरम पर है और अब सभी की नजरें 26 मई को होने वाले पहले चरण के मतदान पर टिक गई है , जहां जनता अपने गांव की नई सरकार चुनेगी। पहले चरण में 26 मई को मतदान के बाद उसी दिन प्रधान, उपप्रधान और वार्ड पंच की मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। दूसरे चरण का मतदान 28 मई को होगा, जिसमें 1258 पंचायतों में वोट डाले जाएंगे। इसके बाद तीसरे और अंतिम चरण के तहत 30 मई को 1170 पंचायतों में मतदान प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति के परिणाम 31 मई को घोषित किए जाएंगे। प्रदेश में पंचायत चुनाव इस बार कई मायनों में खास हैं।
प्रदेश की 3754 ग्राम पंचायतों में 3754 प्रधान और इतने ही उपप्रधान के साथ-साथ 21,654 पंचायत सदस्य, 1769 पंचायत समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्यों के लिए चुनावी रण सज चुका है। कुल 31,182 पदों के लिए होने वाले इन चुनावों में 70,224 उम्मीदवार मैदान में डटे हुए हैं और हर प्रत्याशी गांव की सरकार में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। कई जगह मुकाबला शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। प्रदेश में 10,854 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत हासिल कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सुखद मिसाल पेश की है। इनमें सबसे अधिक 10,307 पंचायत वार्ड सदस्य ऐसे हैं, जिन्हें कोई चुनौती नहीं मिली। इसके अलावा 286 उपप्रधान, 176 प्रधान और 85 पंचायत समिति सदस्य भी बिना चुनाव मैदान में उतरे ही विजेता घोषित हो चुके हैं। अब शेष पदों के लिए 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में मतदान होगा।