यंगवार्ता न्यूज़ - पांवटा साहिब 20-04-2026
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश फाइनेंशियल इमरजेंसी की ओर हैं। लगातार प्रदेश में आर्थिक संकट गहरा रहा है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार स्थिति संभालने में नाकाम साबित हुई हैं। ऐसे में अब प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। जयराम ठाकुर सिरमौर जिला के पांवटा साहिब में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उच्च अधिकारियों मंत्रियों विधायकों की सैलरी डेफर करनी पड़ रही है। हिमाचल प्रदेश में आर्थिक हालात सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि साढे तीन वर्षों में हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाएं। लगातार अनावश्यक खर्च हिमाचल प्रदेश की जनता पर डाले हैं। उन्होंने कहा कि 6 सीपीएस बनाए गए , कैबिनेट दर्जे के साथ , एडवाइजर बनाए गए कैबिनेट दर्जे के साथ , एडवोकेट जनरल , एडिशनल एडवोकेट जनरल , डिप्टी एडवोकेट जनरल दनदना रहे है। बावजूद इसके फैसले सरकार के खिलाफ हो रहे हैं। और अब मुख्यमंत्री सैलरी डेफर कर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं। इस दौरान जयराम ठाकुर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भी कांग्रेस पार्टी पर जुबानी हमला बोला।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जैसे नेता और कांग्रेस नहीं चाहती कि महिलाओं को उनका अधिकार मिले । उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अभी रोका गया है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ किया है कि वह देश की 50% आबादी महिलाओं को उनका अधिकार दिला कर रहेंगे। इस दौरान जयराम ठाकुर ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भी प्रदेश कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज सरेआम हत्याएं हो रही है कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। प्रदेश कांग्रेस सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है।