पर्यावरण विज्ञान पाठ्यक्रम में विज्ञान स्नातक शुरू करने की मांग - अभाविप
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा परिसर में धरना किया गया। जिसमें पर्यावरण विज्ञान विभाग के आम छात्र ओर phd करने वाले शोधार्थी भी शामिल रहे
यंगवार्ता न्यूज शिमला 4 जून, 2026 :
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा परिसर में धरना किया गया। जिसमें पर्यावरण विज्ञान विभाग के आम छात्र ओर phd करने वाले शोधार्थी भी शामिल रहे। विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि 13 मई 2026 को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा बनाई गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत पॉलिसी के अंदर पर्यावरण विज्ञान को वैल्यू एडेड क्रेडिट के अंदर जोड़ा गया है। परंतु पर्यावरण विज्ञान को विज्ञान स्नातक के साथ जोड़कर महाविद्यालय स्तर में उपलब्ध करवाया जाए।
विद्यार्थी परिषद से इकाई मंत्री सुशील शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय के अंदर msc पर्यावरण विज्ञान पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए लगभग 12 क्रेडिट चाहिए परंतु महाविद्यालयों में बीएससी पर्यावरण विज्ञान न होने की वजह से केवल 4 से 6 क्रेडिट ही मिल सकते है और msc में दाखिला लेने के लिए यह क्रेडिट पर्याप्त नहीं है। जो कि पर्यावरण विज्ञान विभाग के बंद होने के सीधा संकेत हैं।
अगर महाविद्यालय स्तर पर पर्यावरण विज्ञान पाठ्यक्रम में विज्ञान स्नातक नहीं उपलब्ध हुआ तो छात्रों को इस तरह की बहुत सी समस्याएं देखने को मिलेगी। आज जब विद्यार्थी परिषद आम छात्रों के साथ कुलपति से मिले और यह मांग उनके समक्ष रखी।
कुलपति ने आश्वासन दिया कि जल्द ही अकादमिक काउंसिल की बैठक में इस विषय के ऊपर कदम उठाए जाएंगे । ओर महाविद्यालय स्तर पर पर्यावरण विज्ञान में विज्ञान स्नातक की पढ़ाई शुरू की जाएगी। पर्यावरण विज्ञान विषय को मेन कोर्स के अंदर जोड़ा जाएगा। इकाई मंत्री सुशील शर्मा ने कहा कि अगर जल्द यह मांग पूरी नहीं होगी तो प्रशासन को इस आंदोलन का एक बड़ा व्यापक रूप देखने को मिलेगा।
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