पांवटा साहिब में वन्य जीव अवशेष बरामदगी मामले ने पकड़ा तूल , एसपी से मिलने पहुंचे ग्रामीण , साजिश रचने के आरोप

सिरमौर जिला के सीमावर्ती क्षेत्र पांवटा साहिब के घुतनपुर गांव में 15 अप्रैल को एक घर में वन्य जीवों के अवशेष बरामदगी मामले को लेकर आज दर्जनों ग्रामीण नाहन पहुंचे और पुलिस अधीक्षक सिरमौर से मुलाकात की। ग्रामीणों का कहना है कि साजिश के तहत मामले में 2 लोगों को फसाया गया है ऐसे में इस मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके

Apr 20, 2026 - 19:43
Apr 20, 2026 - 20:22
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पांवटा साहिब में वन्य जीव अवशेष बरामदगी मामले ने पकड़ा तूल , एसपी से मिलने पहुंचे ग्रामीण , साजिश रचने के आरोप
 
यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  20-04-2026
सिरमौर जिला के सीमावर्ती क्षेत्र पांवटा साहिब के घुतनपुर गांव में 15 अप्रैल को एक घर में वन्य जीवों के अवशेष बरामदगी मामले को लेकर आज दर्जनों ग्रामीण नाहन पहुंचे और पुलिस अधीक्षक सिरमौर से मुलाकात की। ग्रामीणों का कहना है कि साजिश के तहत मामले में 2 लोगों को फसाया गया है ऐसे में इस मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। गौर हो कि 15 अप्रैल को पांवटा साहिब के घुतनपुर गांव के एक घर से तेंदुए की खाल, तेंदुए के पंजे , घोरल के सींग के 3 जोड़े, काकड़ के सींग के 2 जोड़े, 3 खाली कारतूस, मांस काटने का तेजधार हथियार बरामद हुआ था और इस मामले में वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने बताया कि साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से इस घटनाक्रम को अंजाम दिया गया है उन्होंने कहा की फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को किसी और घर में जानवरों के अवशेष मिलने की सूचना थी और यह किसी और घर में बरामद हुए है और मौके की परिस्थितियों से साफ जाहिर होता है कि यह सिर्फ एक साजिश है। ग्रामीणों ने मांग है कि पुलिस इस मामले की जांच करें और मामले में असल दोषियों को पकड़े। उधर से मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक सिरमौर निश्चित सिंह नेगी ने कहा वन विभाग द्वारा वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत इस पूरे मामले में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने जो तथ्य सामने रखे है उस दिशा में पुलिस जांच करेंगी। 

जानकारी के अनुसार वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक कार्रवाई के दौरान संदिग्ध सामग्री बरामद करने का दावा किया है। टीम का कहना है कि यह बरामदगी वन्य जीव संरक्षण कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है और मामले की गहन जांच की जा रही है। हालांकि, दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोगों को जानबूझकर झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। मामले के बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी और किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

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