श्रीरेणुकाजी बांध परियोजना को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मिली अंतिम क्लियरेंस
श्रीरेणुकाजी बांध परियोजना को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम फोरेस्ट क्लियरेंस मिल गई है। परियोजना के प्रथम चरण में बनाई जाने वाली डायवर्जन टनलों के लिए 16 जनवरी को टेंडर शिमला में खोले जाएं
यंगवार्ता न्यूज़ - श्री रेणुका जी 10-01-2026
श्रीरेणुकाजी बांध परियोजना को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम फोरेस्ट क्लियरेंस मिल गई है। परियोजना के प्रथम चरण में बनाई जाने वाली डायवर्जन टनलों के लिए 16 जनवरी को टेंडर शिमला में खोले जाएंगे।
6946 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला श्रीरेणुकाजी बांध छह वर्षों में तैयार किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के पूरा होने पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को प्रतिदिन 23 लाख क्यूसिक पानी प्रति मिनट उपलब्ध करवाया जाएगा, जबकि हिमाचल प्रदेश को 40 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी।
इसके अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध करवाया जाएगा। बांध निर्माण से 24 किलोमीटर लंबी झील अस्तित्त्व में आएगी, जिसे परशुराम सागर नाम दिया जाएगा। परियोजना की लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि छह लाभान्वित राज्यों द्वारा वहन की जाएगी।
बांध निर्माण से 37 गांवों के 259 परिवार पूर्ण रूप से विस्थापित होंगे, जबकि कुल 1142 परिवार प्रभावित होंगे। प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा अब तक 621 करोड़ रुपए से भी अधिक का मुआवजा प्रदान किया जा चुका है।
श्रीरेणुकाजी बांध परियोजना के महाप्रबंधक खेम सिंह ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से परियोजना को फोरेस्ट क्लियरेंस की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। प्रथम चरण में बनाई जाने वाली डायवर्जन टनलों के लिए 16 जनवरी को टेंडर खोले जाएंगे। झील के निर्माण से 1988 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होगी।
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