यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 29-08-2025
नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक 2025 खुलेआम संविधान का उल्लंघन है, जिसे सुक्खू सरकार कर रही है। सरकार का यह कृत्य कांग्रेस के असली चरित्र को उजागर करता है। एक तरफ राहुल गांधी पूरे देश में संविधान की किताब लेकर घूमते हैं दूसरी तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री विधानसभा के अंदर संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 (यू) का खुला उल्लंघन है। यह अनुच्छेद नगर निगम के चुनाव 5 साल के भीतर करवाने की व्यवस्था देता है। निकाय भंग होने के 6 महीने के भीतर अनिवार्यत : चुनाव करवाने के लिए निर्देशित करता है। लेकिन कांग्रेस की सरकार अपनी नाकामियां छुपाने और चुनाव में निश्चित हो चुकी अपनी हार से बचने के लिए संविधान की अवहेलना कर रही है। व्यवस्था परिवर्तन की सरकार द्वारा यह हिमाचल के इतिहास में पहली बार हो रहा है।
भाजपा विधायक दल इसका खुला विरोध करती है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार बेहद शातिराना ढंग से संस्थानों को बंद कर रही है। एक तरफ सरकार पहले विद्यालयों से शिक्षक हटा दे रही है, शिक्षकों की कमी से छात्र अपना नाम कटवा कर कहीं और चले जा रहे हैं। तब सरकार जीरो एनरोलमेंट का बहाना बनाकर स्कूल को बंद कर दे रही है। लगभग 2000 से ज्यादा संस्थान कर देना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। जब सरकार बनी और सिर्फ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की शपथ हुई थी कैबिनेट का गठन भी नहीं हुआ था तब भी दोनों लोगों ने मिलकर धड़ाधड़ संस्थानों को बंद करना शुरू कर दिया था। प्रदेश ने पहली बार देखा कि किस तरह से एक सरकार जिसका काम संस्थान खोलने और लोगों को सुविधा देना है वह धड़ाधड़ चले हुए संस्थानों को बंद कर रही है। सरकार की यह कार्रवाई सिर्फ राजनीतिक विद्वेष का नतीजा थी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के मंच से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी किए जाने की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि तथाकथित वोट अधिकार यात्रा में जिस तरह से कांग्रेस और आरजेडी के मंच से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूज्य माता जी को गाली दी गई है वह घोर निंदनीय है। इसकी जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है। सत्ता को अपना पुश्तैनी अधिकार समझने वाले दो शहजादों ने बिहार की धरती से बिहार की संस्कृति का तिरस्कार किया है और सामाजिक मूल्यों को कलंकित किया है। इस जघन्य कृत्य के लिए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव शायद सहित इंडी गठबंधन के नेताओं को यह हजम नहीं हो रहा है कि एक गरीब मां का बेटा देश के प्रधानमंत्री पद पर कैसे बैठ सकता है। दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता और लगातार 11 साल से देश के प्रधानमंत्री रहे नरेंद्र मोदी जी की मृतक मां को गाली देना कांग्रेस की संस्कृति और कुंठा को एक साथ प्रकट करता है। कांग्रेस के नेताओं का यह कृत्य देश कभी माफ नहीं करेगा। उसके इस कृत्य जवाब लोकतंत्र की जननी कहीं जाने वाले बिहार से ही मिलेगा।