यंगवार्ता न्यूज़ - पांवटा साहिब 12-04-2026
सतौन क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार को सिरमौर जिला के सतौन में जमकर आक्रोश प्रदर्शन किया। क्षेत्र की तीन बड़ी समस्याओं को लेकर लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।मीडिया से बात करते हुए प्रदर्शन कर रहे स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग क्षेत्र की समस्याओं को लेकर उद्योग मंत्री को ज्ञापन देने के लिए सतौन में एकत्रित हुए थे। उद्योग मंत्री पांवटा साहिब से शिलाई के लिए रवाना हुए। ऐसे में जब मंत्री का काफिला सतौन में नहीं रुका तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और आक्रोशित लोगों ने मंत्री और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने सतौन से रेणुका जी मार्ग शीघ्र पक्का करने , जर्जर सतौन पुल की हालत सुधारने और सतौन उप-तहसील को बहाल करने की मांग उठाई हैं। इन्हीं मांगों को लेकर उद्योग मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाना था , लेकिन मंत्री का काफिला लोगों को दरकिनार कर शिलाई के ओर रवाना हो गया। जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले सतौन क्षेत्र की बार-बार हो रही के खिलाफ अब युवाओं के सब्र का बांध टूट गया है। क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर आज सतौन में युवाओं ने धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन में सभी राजनीतिक दलों के लोग शामिल हुए। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा सिरमौर के प्रवेश द्वार सतौन की बार-बार अनदेखी की जा रही है , जिसके चलते अब युवाओं का सब्र का बांध टूट गया है।
इस प्रदर्शन में शामिल हुए अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान , परशुराम सेवा समिति सतौन के अध्यक्ष तरुण शर्मा , राजेंद्र शर्मा , समाजसेवी विजेंद्र तोमर , मनोज पुंडीर , गोपाल ठाकुर , हरिचंद शर्मा , सुखदेव तोमर , राजेंद्र शर्मा , हिरदाराम पुंडीर , कमलेश सिंह, रोहित , प्रवीण और मनीष चौहान , सतौन पंचायत के पूर्व प्रधान रजनीश चौहान , पूर्व बीडीसी वाइस चेयरमैन कुलदीप शर्मा , पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष सतीश शर्मा और सुरेंद्र चौहान आदि युवाओं का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने सतौन में चल रहे उप तहसील कार्यालय को बंद कर दिया है , जिसके चलते अब लोगों को राजस्व से संबंधित कार्यों के लिए सतौन से करीब 15 किलोमीटर दूर कमरऊ जाना पड़ता है। यही नहीं क्षेत्र के लोगों ने सतौन से चांदनी तक सड़क की बदहाली और सड़क को चौड़ा करने की भी मांग की है।
साथ ही युवाओं ने मांग की है कि गिरिपार क्षेत्र के प्रवेश द्वार सतौन में करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित स्टील ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है। लोगों का कहना है कि यह पुल जर्जर हालत में है जो बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। क्षेत्र के लोगों ने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि शीघ्र ही उपरोक्त समस्याओं का समाधान किया जाए , अन्यथा युवाओं का यह आक्रोश और भड़क जाएगा। जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी। गौर हो कि सतौन क्षेत्र में पूर्व सरकार द्वारा उप तहसील कार्यालय खोला गया था , लेकिन कांग्रेस की सरकार बनते ही इस उप तहसील कार्यालय को बंद कर दिया गया है जिसके कारण अब लोगों को तहसील के कार्यों के लिए कमरऊ जाना पड़ता है।