यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 15-09-2026
शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने किशाऊ बांध परियोजना को लेकर समझौता ज्ञापन पर सभी संबंधित राज्यों द्वारा हस्ताक्षर किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत सभी संबंधित राज्यों की भाजपा सरकारों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं अन्य भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा किए गए प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पूर्व की भाजपा सरकार के समय जब केंद्र सरकार ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में पहल की तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार द्वारा अड़ंगे लगाए गए।
दोनों सरकारें हमेशा ही अपना हिस्सा देने में किसी न किसी प्रकार पीछे हट जाती थीं, जिसके कारण यह परियोजना परवान नहीं चढ़ पा रही थी। जैसे ही दिल्ली और राजस्थान में सत्ता परिवर्तन हुआ और वहां भाजपा की सरकारें आईं, तो हिमाचल के हितों को संरक्षित करते हुए इस प्रोजेक्ट के पूरा होने का मार्ग प्रशस्त हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के प्रयासों से अन्य राज्यों ने हिमाचल प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन पर आगे बढ़ने की सहमति दी। अब दिल्ली द्वारा 75% खर्च वहन करने एवं राजस्थान द्वारा 25% खर्च वहन करने पर सहमति जताई गई है, जिसके बाद इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। जब तक दिल्ली में इंडी ब्लॉक की आम आदमी पार्टी की सरकार और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, तब तक वे पानी के बदले अपनी हिस्सेदारी पर सहमत नहीं हो रहे थे।
इस कारण इस परियोजना के बनने में देरी भी हुई। आज इस परियोजना की लागत 15000 करोड़ के आसपास आ रही है, वहीं पांच साल पहले इसकी लागत लगभग 11.5 हजार करोड़ थी। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि दिल्ली और राजस्थान में भी उस समय भाजपा की सरकार रही होती तो यह प्रोजेक्ट अब तक काफी आगे बढ़ गया होता। लेकिन विभिन्न राजनीतिक संकीर्णताओं के चलते गैर-भाजपा शासित सरकारों ने इस परियोजना को परवान नहीं चढ़ने दिया। जब केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के साथ ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और राजस्थान में भाजपा की सरकार आई, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आग्रह पर सभी राज्यों ने हिमाचल प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश के आग्रह को सहर्ष स्वीकार किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की झूठ बोलने की आदत है, इसलिए वह पूर्व सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।
पूर्व की भाजपा सरकार ने भी हिमाचल के हितों का बखूबी ध्यान रखा, इसी कारण यह समझौता नहीं हुआ। यह समझौता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बस में होता तो 4 साल का समय नहीं लगता। जब परिस्थितियां अनुकूल हुईं और किशाऊ डैम का पानी लेने वाले राज्य दिल्ली और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी, तभी यह संभव हो पाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी पीठ थपथपाने की बजाय प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री समेत भारतीय जनता पार्टी की सरकार वाले संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का आभार जताएं, क्योंकि उनकी सहमति और सकारात्मक सोच के बिना यह कार्य संभव नहीं हो पाता।