शिक्षा बोर्ड में जुब्बल-कोटखाई के आठ लोगों की बैकडोर भर्ती, पूरे हिमाचल के युवाओं के साथ अन्याय : विनोद कुमार

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विनोद कुमार ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में हुई कथित बैकडोर भर्ती को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ खुला अन्याय किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले पांच लाख रोजगार और पहले वर्ष में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन आज युवाओं को पारदर्शी भर्ती के बजाय भाई-भतीजावाद और बैकडोर नियुक्तियां देखने को मिल रही हैं

Jul 18, 2026 - 14:01
Jul 18, 2026 - 14:32
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शिक्षा बोर्ड में जुब्बल-कोटखाई के आठ लोगों की बैकडोर भर्ती, पूरे हिमाचल के युवाओं के साथ अन्याय : विनोद कुमार
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 18-07-2026

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विनोद कुमार ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में हुई कथित बैकडोर भर्ती को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ खुला अन्याय किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले पांच लाख रोजगार और पहले वर्ष में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन आज युवाओं को पारदर्शी भर्ती के बजाय भाई-भतीजावाद और बैकडोर नियुक्तियां देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में सेवा समिति के माध्यम से चार डाटा एंट्री ऑपरेटर और चार चपरासी के कुल आठ पद भरे गए, लेकिन न तो इन पदों का कोई सार्वजनिक विज्ञापन जारी किया गया और न ही योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए। 
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को गुपचुप तरीके से पूरा कर दिया गया। विनोद कुमार ने कहा कि सबसे गंभीर तथ्य यह है कि आठों नियुक्तियां शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के लोगों को दी गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूरे हिमाचल प्रदेश में योग्य युवा केवल जुब्बल-कोटखाई में ही थे? क्या शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सिरमौर, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के बेरोजगार युवा इन पदों के योग्य नहीं थे? उन्होंने कहा कि यह भर्ती पूरी तरह पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है और इससे प्रदेश के लाखों शिक्षित युवाओं का भर्ती प्रक्रिया से विश्वास उठ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा बोर्ड प्रशासन और आउटसोर्स एजेंसी की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर नियुक्तियां की गई हैं। 
विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा सभी आठ पदों पर नियुक्तियों को निरस्त कर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पुनः भर्ती की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार रोजगार देने के बजाय अपने मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों तक ही अवसर सीमित कर रही है। प्रदेश का बेरोजगार युवा इस अन्याय को देख रहा है और आने वाले समय में इसका लोकतांत्रिक जवाब अवश्य देगा।

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