अत्याधुनिक प्रशिक्षण को नई दिशा प्रदान करेगा स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर : अनिरुद्ध सिंह 

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, मशोबरा में आधुनिक स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर का शुभारंभ किया। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर का निर्माण अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों से किया गया

Sep 26, 2025 - 15:11
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अत्याधुनिक प्रशिक्षण को नई दिशा प्रदान करेगा स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर : अनिरुद्ध सिंह 
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पंचायती राज मंत्री ने क्रेगनेनो में किया आधुनिक स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर का शुभारम्भ

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     26-09-2025

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, मशोबरा में आधुनिक स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर का शुभारंभ किया। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर का निर्माण अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों से किया गया है जिससे यहां पर प्रशिक्षण के लिए आने वाले प्रतिभागियों को अवश्य लाभ मिलेगा। 

इस तरह के आधुनिक लर्निंग सेंटर बेहतर कार्य करने के लिए समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक केंद्र ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज से संबंधित प्रशिक्षण और अध्ययन को नई दिशा प्रदान करेगा। इस केंद्र के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को डिजिटल संसाधनों, ऑनलाइन शिक्षण और व्यावहारिक अनुभव का लाभ मिलेगा। 

इसके अतिरिक्त, यह प्लेटफॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस पहल से न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों को गति मिलेगी और पंचायतों के सशक्तिकरण में भी यह कदम अहम भूमिका निभाएगा।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने पंचायती राज विभाग, राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण पंचायत अधिनियम 1996 (पेसा अधिनियम) के अंतर्गत आयोजित किया गया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज इस स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर की शुरुआत राष्ट्रीय स्तरीय प्रशिक्षण शिविर से की जा रही है जिसमें 9 प्रदेशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेसा अधिनियम एक महत्वपूर्ण कानून है जिसमें प्रदेश के 3 जिलों की 163 पंचायत अधिनियम के अंतर्गत आती है। इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम यहां पर दूसरी बार किया जा रहा है।

इस शिविर में 10 प्रदेश के लोगों के विचार आपस में साझा होने के साथ आपसी संपर्क भी बनेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय “अनुसूचित क्षेत्रों में मादक पदार्थों पर प्रतिबंध तथा उनके विक्रय एवं उपभोग के विनियमन/नियंत्रण” निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर दस पेसा राज्यों - आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान एवं तेलंगाना — के अधिकारी एवं अधिकारी प्रतिभागी के रूप में उपस्थित हुए।

इस अवसर पर मंत्री ने विभाग द्वारा पेसा अधिनियम पर आधारित तैयार की गई कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया तथा विभाग द्वारा राजीव गांधी स्वराज योजना पर तैयार की गई वीडियो डॉक्यूमेंट्री भी दर्शाई गई।

सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राजेश शर्मा ने संस्थान में पधारने पर मंत्री का स्वागत किया तथा स्टूडियो-कम-लर्निंग सेंटर का लोकार्पण करने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधाओं से विभाग को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सुविधा मिलेगी। 

उन्होंने सभी 9 प्रदेशों से प्रशिक्षण के लिए आए मास्टर ट्रेनर का भी शिमला पधारने पर स्वागत किया। उन्होंने पेसा अधिनियम पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक-सह-अतिरिक्त सचिव पंचायती राज नीलम दुलटा, उप निदेशक पंचायती राज विजय ब्रागटा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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