ऊना में युवा विकास का उम्दा मॉडल बना ‘सामर्थ्य’,3.24 करोड़ से खेल-पढ़ाई-फिटनेस को मिलेगा बढ़ावा
ऊना जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम जिले में युवाओं को सकारात्मक दिशा देने वाली एक प्रभावी और प्रेरक पहल बन कर उभरा है। चिट्टा व अन्य नशों की बढ़ती चुनौती के बीच यह कार्यक्रम युवाओं के समय, ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देने पर केंद्रित
यंगवाता न्यूज़ - ऊना 21-01-2026
ऊना जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम जिले में युवाओं को सकारात्मक दिशा देने वाली एक प्रभावी और प्रेरक पहल बन कर उभरा है। चिट्टा व अन्य नशों की बढ़ती चुनौती के बीच यह कार्यक्रम युवाओं के समय, ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देने पर केंद्रित है।
प्रशासन ने इसके तहत जिले में अब तक 3.24 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित राशि से विभिन्न सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की हैं, जिनमें विशेष रूप से खेल, फिटनेस, अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम उपायुक्त जतिन लाल की नवाचारी सोच का सुफल है। 6 अगस्त 2024 को आरंभ इस जनहितकारी पहल का उद्देश्य समाज के सर्वांगीण विकास को गति देना है।
उपायुक्त बताते हैं कि ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम को छह प्रमुख घटकों पर केंद्रित किया गया है, जिनमें फिटनेस, प्रतिस्पर्धात्मकता, कला एवं संस्कृति, उद्यमिता, जागरूकता एवं नियंत्रण तथा सामाजिक मूल्यों का संवर्धन शामिल है। इसके संचालन मॉडल की विशेषता यह रही कि इसे जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से तथा औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत आगे बढ़ाया गया, जिससे सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
‘सामर्थ्य’ के अंतर्गत शिक्षा और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में पुस्तकालय विकसित किए गए हैं। इसके तहत मिनी सचिवालय ऊना में पुस्तकालय के निर्माण पर करीब 15 लाख रुपये की राशि व्यय कर सुविधा विकसित की गई है। इसी तरह हरोली के पंजावर में पुस्तकालय के लिए लगभग 10 लाख रुपये की राशि से सुविधा विकसित की गई है। ‘
सामर्थ्य’ के अंतर्गत ‘ज्ञान दीप’ नाम से विकसित इस पुस्तकालय सुविधा का हाल ही में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उद्घाटन भी किया था। इसके अलावा अंब क्षेत्र के मैड़ी खास पंचायत घर में पुस्तकालय के लिए करीब 8.50 लाख रुपये की अनुमानित राशि से सुविधा विकसित की गई है। इन पुस्तकालयों से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं।
‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम का फिटनेस घटक युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी उद्देश्य के अंतर्गत पंचायत स्तर पर जिम तथा फिटनेस उपकरणों की व्यवस्था की गई है। गोंदपुर जयचंद पंचायत में जिम एवं उपकरणों की स्थापना पर लगभग 24.20 लाख रुपये, जबकि अंब की मैड़ी खास पंचायत में जिम एवं उपकरणों पर लगभग 24.42 लाख रुपये की अनुमानित राशि से सुविधा विकसित की गई है।
उपायुक्त का कहना है कि फिटनेस युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और सक्रिय जीवनशैली विकसित करती है, जो नशे के खिलाफ स्वाभाविक सुरक्षा कवच का काम करती है। खेल गतिविधियों को मजबूत आधार देने के लिए ‘सामर्थ्य’ के अंतर्गत जिला मुख्यालय स्थित इंदिरा स्टेडियम ऊना को विकसित करने हेतु 2.42 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। यहां युवाओं के लिए बास्केटबॉल कोर्ट तैयार किया गया है।
जिस पर 17.50 लाख रुपये की अनुमानित राशि व्यय की गई है। इसके साथ ही स्टेडियम को बहु-खेल केंद्र बनाने की दिशा में बड़ी परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें स्टेडियम में जिम व जिम उपकरणों का कार्य करीब 96 लाख रुपये की अनुमानित राशि के साथ प्रगति पर है। इसी तरह लॉन टेनिस कोर्ट और बैडमिंटन कोर्ट भी लगभग 1.29 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ निर्माणाधीन हैं।
‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम को जिलेभर में विस्तार देते हुए प्रशासन ने आगामी चरण में बंगाणा क्षेत्र में भी सुविधाएं विकसित करने का रोडमैप तैयार किया है। कार्ययोजना के अनुसार बंगाणा में पुस्तकालय और जिम की स्थापना के कार्य प्रस्तावित हैं। प्रशासन का कहना है कि इससे यह पहल दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचेगी और वहां के युवाओं को भी समान अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम का एक मानवीय पक्ष जरूरतमंद बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता में सहायता प्रदान करना भी है। कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक करीब 30 पात्र बेटियों को उच्च शिक्षा, कोचिंग आदि के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम के तहत समग्र विकास की दृष्टि से कार्य किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का एक उद्देश्य ऐसा समाज बनाना है जो युवाओं को शक्ति, दिशा और अवसर दे, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और समाज का भविष्य उज्ज्वल हो।
युवाओं को निरंतर प्रेरित करने, उनमें जुड़ाव की भावना विकसित करने और उनकी क्षमताओं को निखारने के उद्देश्य से जिले में पुस्तकालय, जिम, खेल कोर्ट सहित अन्य आवश्यक संरचनाएं विकसित की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक युवा पढ़ाई, फिटनेस, खेल व रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ें, सकारात्मक वातावरण बने और नशे के खिलाफ भी एक मजबूत सामाजिक ढाल खड़ी हो सके।
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