ऐतिहासिक शहर में वामन द्वादशी पर निकली भव्य शोभा यात्रा,दशकों से मनाया जा रहा वामन उत्सव

वामन द्वादशी के पावन अवसर पर ऐतिहासिक शहर नाहन में भगवान वामन की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई शहर में कई दशकों से वामन उत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान शहर में माहोल भक्तिमय

Sep 5, 2025 - 16:00
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ऐतिहासिक शहर में वामन द्वादशी पर निकली भव्य शोभा यात्रा,दशकों से मनाया जा रहा वामन उत्सव
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भगवान वामन के जयकारों से गूंज उठा नाहन पालकियों में सवार होकर पहुंचे 8 मन्दिरों के देवता

शहर भर में देवताओं ने किया भ्रमण,बड़ी संख्या में लोगो ने नवाया शीश

यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन    05-09-2025

वामन द्वादशी के पावन अवसर पर ऐतिहासिक शहर नाहन में भगवान वामन की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई शहर में कई दशकों से वामन उत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान शहर में माहोल भक्तिमय हो गया और भगवान वामन के जयकारों से गूंज उठा। इस शोभायात्रा में शहर के प्रमुख 8 मन्दिरों से देव पालकियां पहुंचती है।

परम्परा अनुसार अलग-अलग मंदिरों से पहुंचने वाली सभी देव पालकियां शहर के ऐतिहासिक बड़ाचौक भगवान जग्गनाथ मंदिर परिसर में इकठी होती है इन देव्पलतियों का प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्वागत किया जाता है । परंपरा को निभाते हुए आज प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सभी देव पालकियों का विधिवत स्वागत किया गया। 

जिसके बाद बाद यहाँ से सभी पालकियां एक साथ पक्का टैंक स्तिथ मेला स्थल पर पहुंची जहां श्रद्धालुओं ने एक साथ विभिन्न मंदिरों से पहुंची देव पालकियों के दर्शन किए। मीडिया से बात करते हुए SDM नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि सदियों पुरानी परंपरा को आज भी नाहन शहर में इस मेले का आयोजन कर निभाया जा रहा है। 

परंपरा का निर्वहन शहर के लोगों द्वारा किया जा रहा है जिसमें प्रशासन भी अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने नाहन शहर वासियों को वामन द्वादशी मेले की भी बधाई दी। ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर के पुजारी पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि जगन्नाथ मंदिर में सभी पालकिया एकत्रित होने के बाद यहां से परंपरा के मुताबिक मेला स्थल के लिए रवाना होती है जिसकी अगुवाई भगवान जगन्नाथ मंदिर की पालकी द्वारा की जाती है। 

करीब रात बजे 12:00 मेला स्थल पर भगवान वामन का जन्मोत्सव मनाया जाता है इसके बाद आरती के संपन्न होते ही सभी देव्पल क्या वापस अपने-अपने मंदिरों में पहुंचाई जाती है।

वामन द्वादशी यहाँ आयोजित होने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते है साथ ही पड़ोसी राज्य हरियाणा,पंजाब,उतराखंड से व्यापारी ख़ास तौर पर यहाँ व्यापार करने आते है और यह मेला उनकी आमदनी का एक बड़ा जरिया रहता है

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