यंगवार्ता न्यूज़ - देहरादून 16-04-2026
चारधाम यात्रा को आसान व सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। खास बात यह है कि इस बार यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को व्यवस्थाओं में कई बदलाव दिखेंगे। यात्रा का आगाज 19 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से होगा। 22 अप्रैल को केदारनाथ व 23 अप्रैल को बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने से चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से संचालित होगी। इस पवित्र यात्रा में यमुनोत्री मंदिर, गंगोत्री मंदिर, केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर के दर्शन शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों के आने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार ने यात्रियों की सुविधा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया है और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर, पुलिस सहायता केंद्र तथा आपदा प्रबंधन टीमें तैनात की गई हैं। संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। देश दुनिया से बद्रीनाथ , केदारनाथ , गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए उत्तराखंड तैयार है। प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। अब तक यात्रा के लिए 17.28 लाख तीर्थयात्री ऑनलाइन पंजीकरण कर चुके हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस बार भी चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों का रिकॉर्ड बनेगा। सरकार ने इस बार चार धाम में प्रतिदिन दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। बीते वर्ष धामों में भीड़ नियंत्रण के लिए धारण क्षमता के आधार पर अधिकतम संख्या तय की गई थी।
इस बार यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सरकार ने दर्शन कराने का प्लान बनाया है। बदरी-केदार मंदिर समिति ने धामों की पवित्रता व दर्शन करने के बाद मंदिर परिसर में लगने वाली भीड़ को देखते हुए मोबाइल फोन को प्रतिबंधित किया है। बदरीनाथ व केदारनाथ मंदिर में यह व्यवस्था लागू होगी। दोनों मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा मंदिर परिसर में रील बनाने, वीडियोग्राफी करने पर रोक रहेगी। मोबाइल रखने के लिए बीकेटीसी की ओर से क्लॉक रूम की सुविधा दी जाएगी। बीकेटीसी ने इस बार बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में विशेष पूजा शुल्क में बढ़ोतरी की है। अब बदरीनाथ धाम में श्रीमद्भागवत कथा कराने के लिए एक लाख रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
जबकि केदारनाथ धाम में दिन भर की पूजा के लिए 51 हजार रुपये शुल्क देना पड़ेगा। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष पूजाएं रात के समय कराई जाएंगी। दिन में समय श्रद्धालुओं को सामान्य दर्शन कराए जाएंगे। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि चारधाम यात्रा राज्य के अर्थव्यवस्था व रोजगार की रीढ़ है। यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखंड तैयार है। किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सुरक्षित व सुगम यात्रा सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि यात्रा में तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा मिले, जिससे वापस जाने के बाद देवभूमि के प्रति एक अच्छा संदेश लेकर जाएं।