न्यूज़ एजेंसी - नई दिल्ली 16-04-2026
पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू होते ही पहले ही दिन देशभर से करीब 17 हजार श्रद्धालुओं ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया। प्रशासन के अनुसार इस वर्ष भी यात्रा को लेकर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध, स्वास्थ्य सेवाएं और यात्रा मार्गों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यात्रा के लिए दो प्रमुख मार्ग बालटाल और पहलगाम से श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे, जहां प्राकृतिक रूप से बने हिमलिंग के दर्शन किए जाते हैं। गौर हो कि तीन जुलाई से शुरू हो रही श्री अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से पंजीकरण शुरू हो गए हैं। देश भर में 554 बैंक शाखाओं पर 17 हजार श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया। यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। आम तौर पर 40 से 60 दिन तक चलने वाली बाबा बर्फानी की तीर्थ यात्रा इस साल 57 दिनों तक चलेगी। पंजीकरण की सुविधा फिलहाल तीन अगस्त तक है। इसके आगे की तारीख पर बाद में घोषणा की जाएगी। बोर्ड ने श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने समूह पंजीकरण से संबंधित विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
5 से 30 श्रद्धालुओं के समूहों के लिए विशेष पंजीकरण सुविधा उपलब्ध कराई गई है जिसके तहत इच्छुक यात्री एक साथ आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड के अनुसार, समूह पंजीकरण के लिए आवेदन 15 अप्रैल 2026 से पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जा सकते हैं जबकि आवेदन प्राप्त होने की अंतिम तिथि 20 मई निर्धारित की गई है। पंजीकरण ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा जो तिथि और मार्ग के अनुसार उपलब्ध स्लॉट पर निर्भर करेगा। समूह के प्रत्येक सदस्य के लिए निर्धारित आवेदन पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, आधार संख्या और संपर्क विवरण अनिवार्य होंगे। इसके साथ ही अधिकृत डॉक्टर या चिकित्सा संस्थान द्वारा जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की मूल प्रति भी जमा करनी होगी। पंजीकरण शुल्क 250 रुपये प्रति यात्री रखा गया है जिसे दस्तावेज सत्यापन और यात्रा तिथि आवंटन के बाद ही ऑनलाइन या बैंक ट्रांसफर के माध्यम से जमा करना होगा। आवेदन के साथ डिमांड ड्राफ्ट जमा करने की आवश्यकता नहीं है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, तथा छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाएं यात्रा के लिए पात्र नहीं होंगी।
साथ ही, केवल 8 अप्रैल 2026 के बाद जारी किए गए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे। श्राइन बोर्ड के अनुसार, समूह पंजीकरण के बाद यात्रियों को निर्धारित केंद्रों पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर रेडियो फ्रीक्वेंस आइडेंटिफिकेशन ( आरएफआईडी ) कार्ड प्राप्त करना होगा। बिना वैध आरएफआईडी कार्ड के डोमेल-बालटाल या चंदनवाड़ी के प्रवेश द्वार से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए समय रहते आवेदन करें ताकि यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा न हो। बोर्ड के अनुसार यात्रियों का पंजीकरण और यात्रा परमिट जारी करना ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक बैंक शाखा को प्रतिदिन और प्रति मार्ग सीमित कोटा दिया गया है जिसके भीतर ही पंजीकरण किया जाएगा। बायोमेट्रिक सत्यापन में तकनीकी समस्या आती है तो वेबकैम आधारित फोटो और मैन्युअल डाटा एंट्री का वैकल्पिक प्रावधान भी रखा गया है।
यात्रियों के लिए यह भी अनिवार्य है कि वे पंजीकरण के समय अपना सही मोबाइल नंबर और आधार विवरण दर्ज करें। निर्धारित बैंक शाखाएं स्वास्थ्य प्रमाणपत्र की वैधता की जांच करने के बाद ही प्रति परमिट 150 रुपये शुल्क लेकर यात्रा परमिट जारी करेंगी। परमिट पर यात्रा मार्ग-बालटाल या पहलगाम-स्पष्ट रूप से अंकित होगा और उसी तिथि पर यात्री को यात्रा की अनुमति दी जाएगी। किसी भी निर्धारित यात्रा तिथि के लिए पंजीकरण उस तिथि से 7 दिन पहले बंद कर दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर तीन जुलाई की यात्रा के लिए पंजीकरण 26 जून को बंद हो जाएगा। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया ऑनलाइन और अधिकृत बैंकों के माध्यम से जारी है। साथ ही यात्रियों के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है, ताकि ऊंचाई वाले क्षेत्र में किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।