लोकसभा में पास हुआ वक्फ संशोधन बिल , मोदी ने दिखा दी 56 इंच की ताकत , पक्ष में 288 तो  विपक्ष में पड़े 232 वोट , 56 का अंतर 

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा बुधवार को लोकसभा में पेश वक्फ संशोधन बिल 2024 पर रात एक बजे मुहर लग गई। लोकसभा में पास होने के बाद इस बिल को अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा में करीब 12 घंटे तक चली बहस के बाद इस बिल पर वोटिंग हुई जहां यह बहुमत से पास हो गया। बिल के खिलाफ कांग्रेस, एसपी, आप, राजद, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों ने वोटिंग की, जबकि भाजपा को जदयू, टीडीपी और लोजपा का समर्थन मिला

Apr 3, 2025 - 18:05
Apr 3, 2025 - 18:42
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लोकसभा में पास हुआ वक्फ संशोधन बिल , मोदी ने दिखा दी 56 इंच की ताकत , पक्ष में 288 तो  विपक्ष में पड़े 232 वोट , 56 का अंतर 

 न्यूज़ एजेंसी - नई दिल्ली  03-04-2025

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा बुधवार को लोकसभा में पेश वक्फ संशोधन बिल 2024 पर रात एक बजे मुहर लग गई। लोकसभा में पास होने के बाद इस बिल को अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा में करीब 12 घंटे तक चली बहस के बाद इस बिल पर वोटिंग हुई जहां यह बहुमत से पास हो गया। बिल के खिलाफ कांग्रेस, एसपी, आप, राजद, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों ने वोटिंग की, जबकि भाजपा को जदयू, टीडीपी और लोजपा का समर्थन मिला, जिससे यह बिल आसानी से पास हो गया। इससे पहले चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वक्फ में कोई गैर इस्लामिक नहीं आएगा। वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है। 
शाह ने कहा कि एक सदस्य ने कह दिया कि यह बिल माइनॉरिटीज स्वीकार नहीं करेगी। क्या धमकी दे रहे हो भाई। संसद का कानून है, स्वीकार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों को डराने का काम किया है। राम मंदिर बनाने की बात आई तो कहा गया कि खून की नदियां बह जाएंगी, मुसलमान सडक़ पर उतर आएगा। ट्रिपल तलाक, सीएए के केस में ऐसा कहा गया कि मुसलमान की नागरिकता जाएगी। धारा 370 पर भी तरह-तरह की अफवाहें फैलाई गई थीं। कांग्रेस ने मुसलमानों को डराने का काम करके वोट बैंक बनाने का काम किया। इस देश के नागरिक को, किसी भी धर्म का हो, कोई आंच नहीं आएगी। यह नरेंद्र मोदी सरकार है। 
इससे पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि आप मुस्लिमों के साथ वक्फ बोर्ड में भेदभाव कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह संविधान के अनुसार है। कहा गया कि अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों की संविधान के अनुसार रक्षा की जाए। आप आज मुस्लिमों को टारगेट कर रहे हैं। कल क्रिश्चियन, सिख, जैन के खिलाफ होंगे। संघ परिवार का एजेंडा है कि अल्पसंख्यकों को इस देश में खत्म कर दो। उधर, चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत को वक्फ के खौफ से आजादी चाहिए। खाता न बही, जो वक्फ कहे, वही सही। 
आपको तय करना है कि आपको वक्फ के साथ रहना है या संविधान के साथ रहना है। जो लोग बड़ी बातें कर रहे थे, यह हिंदुस्तान है, तालिबान या पाकिस्तान नहीं है। यहां बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान चलेगा, मुगलिया फरमान नहीं चलेगा। उधर, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ बिल में न तो नीति सही है और न नीयत। देश के करोड़ों लोगों से घर-दुकान छीनने की साजिश है। भाजपा अलोकतांत्रिक पार्टी है। वह असहमति को अपनी शक्ति मानती है। सरकार वक्फ बिल लाने की जिद क्यों कर रही है? यह सांप्रदायिक राजनीति का नया रूप है, जिद है।

मुसलमानों से किये पांच वायदे 

1. किसी भी मस्जिद पर कोई कार्रवाई का प्रावधान इस बिल में नहीं है। यह सिर्फ संपत्ति का मामला है। धार्मिक संस्थानों से इस बिल का कोई लेना-देना नहीं है।
2. वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक स्थल-मस्जिद की व्यवस्था में किसी भी तरह के हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है और न ही ऐसा कुछ किया जाएगा।
3. बिल में किसी भी धार्मिक कार्य कलाप में हस्तक्षेप का प्रावधान नहीं है। वक्फ बोर्ड कानून के दायरे में होगा, इसमें कुछ भी कानून के उलट नहीं किया जाएगा।
4. कलेक्टर से ऊपर कोई भी अधिकारी सरकारी जमीन और किसी विवादित जमीन का विवाद देखेगा। बिल में मस्जिद के मैनेजमेंट में दखलंदाजी का प्रावधान नहीं है।
5. सेंटर ऑफ काउंसिल में 22 सदस्यों में गैर-मुसलमानों सदस्य चार से ज्यादा नहीं होंगे। पूर्व अधिकारियों सहित संसद के किसी भी धर्म के तीन सदस्य चुने जाएंगे।

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