चार चरणों में होगी पुलिस कांस्टेबल की भर्ती प्रक्रिया, डोप टेस्ट अनिवार्य

हिमाचल प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के 734 पदों पर भर्ती प्रक्रिया इस बार अधिक सख्त और पारदर्शी होगी। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने विस्तृत विज्ञापन जारी किया है। भर्ती चार चरणों में पूरी होगी और शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान डोप टेस्ट अनिवार्य रहेगा। नशीले पदार्थों के सेवन का दोषी पाए जाने पर अभ्यर्थी को तत्काल भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा।

Jul 11, 2026 - 14:36
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चार चरणों में होगी पुलिस कांस्टेबल की भर्ती प्रक्रिया, डोप टेस्ट अनिवार्य
यंगवार्ता न्यूज शिमला 11 जुलाई, 2026 : 

हिमाचल प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के 734 पदों पर भर्ती प्रक्रिया इस बार अधिक सख्त और पारदर्शी होगी। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने विस्तृत विज्ञापन जारी किया है। भर्ती चार चरणों में पूरी होगी और शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान डोप टेस्ट अनिवार्य रहेगा। नशीले पदार्थों के सेवन का दोषी पाए जाने पर अभ्यर्थी को तत्काल भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा।

आयोग ने इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। भर्ती अभियान के तहत 491 पुरुष कांस्टेबल और 243 महिला कांस्टेबल के पद नियमित आधार पर भरे जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों को पे मैट्रिक्स लेवल-3 (20,200 रुपये से 64,000 रुपये) के तहत नियुक्ति मिलेगी। उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य है। मैट्रिक और 12वीं की पढ़ाई हिमाचल प्रदेश के स्कूल या बोर्ड से होनी चाहिए। यह शर्त हिमाचल प्रदेश के मूल निवासियों पर लागू नहीं होगी।

भर्ती प्रक्रिया चार प्रमुख चरणों में पूरी होगी। सबसे पहले शारीरिक मानक परीक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके बाद 90 अंकों की ऑफलाइन ऑब्जेक्टिव टाइप लिखित परीक्षा होगी। फिर दस्तावेज सत्यापन और अंत में मेडिकल परीक्षण होगा। अंतिम मेरिट सूची 100 अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। इसमें लिखित परीक्षा के 90 अंक, ऊंचाई के अधिकतम 6 अंक और एनसीसी प्रमाणपत्र के अधिकतम 4 अंक शामिल होंगे।

भर्ती विज्ञापन में पहली बार स्पष्ट रूप से डोप टेस्ट का उल्लेख किया गया है। शारीरिक दक्षता परीक्षा शुरू होने से पहले पुलिस विभाग उम्मीदवारों का डोप टेस्ट कर सकता है। इससे नारकोटिक्स और ओपिएट्स के सेवन की जांच की जाएगी। यदि कोई अभ्यर्थी डोप टेस्ट में असफल पाया जाता है या शारीरिक दक्षता परीक्षा के मानकों को पूरा नहीं करता है, तो उसे तत्काल अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पुलिस बल की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।

लिखित परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान किया गया है। गलत उत्तर के लिए उस प्रश्न को आवंटित अंकों में से एक-चौथाई (0.25) अंक काट लिए जाएंगे। एक ही प्रश्न के लिए एक से अधिक उत्तर विकल्प चुनने पर गलत उत्तर माना जाएगा और 0.25 अंक की पेनल्टी लगेगी (भले ही दिए गए उत्तरों में से एक सही ही क्यों न हो)। यदि किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना है, तो ओएमआर शीट में दिए गए ई विकल्प (गोले) को काला करना होगा। अगर आप प्रश्न को पूरी तरह खाली छोड़ देते हैं और किसी भी गोले को काला नहीं करते हैं, तो उसे भी गलत उत्तर माना जाएगा और 0.25 अंक काट लिए जाएंगे।

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