सावधान : KYC के लिए आने वाले कॉल से एक चूक और खाली हो सकता है बैंक खाता
साइबर ठग फेक कॉल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में साइबर सैल की ओर से लोगों को केवाईसी के लिए आने वाले कॉल से सावधान रहने को कहा गया है। साइबर ठग आए दिन लोगों को लूटने के नए-नए तरीके अपना रहे
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 05-04-2026
साइबर ठग फेक कॉल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में साइबर सैल की ओर से लोगों को केवाईसी के लिए आने वाले कॉल से सावधान रहने को कहा गया है। साइबर ठग आए दिन लोगों को लूटने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। शातिर कस्टमर को कॉल करके पहले गुमराह करते हैं और फिर बड़ी सफाई से उसी कस्टमर से उसका बैंक अकाउंट खाली करवा लेते हैं।
पछले कई महीनों से डिजिटल बैंकिंग के नाम बैंक अकाउंट से रुपए लूटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। निश्चिंत रहिए, आपकी पूरी सहायता की जाएगी, असुविधा के लिए खेद है, आपने अकसर ऐसे शब्द कस्टमर केयर से फोन पर बातचीत के दौरान जरूर सुने होंगे, लेकिन कस्टमर केयर के रूप में कुछ साइबर ठग आपके बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं। साइबर ठगों ने लूट का नया तरीका निकाला है। शातिर लोगों को फेक कॉल का ठगी का शिकार बना रहे हैं।
शातिर केवाईसी के लिए कुछ फर्जी लिंक्स भेज कर लिंक डाउनलोड करवाकर लोगों को लूट रहे हैं। ेकेवाईसी अपडेट के नाम पर फोन आता है और बस चंद मिनटों में लोग शातिरों की बातों में आ जाते और उसके भेजे फर्जी लिंक्स पर क्लिक करके अपनी डिटेल शेयर करते ही शातिर बैंक खाते से राशि निकाल लेते हैं।
शातिर अधिकतर रिटायर्ड लोगों और सरकारी कर्मचारियों से ठगी कर रहे हैं। शातिर केवाईसी, सोशल नेटवर्किंग, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड एवं फेक पोर्टल बनाकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। साइबर ठगों से बचने के लिए साइबर सेल एडवाइजरी जारी की है। डीआईजी साइबर क्राइम रोहित मालपानी का कहना है कि अज्ञात फोन कॉल का उत्तर न दें या संदिग्ध यूआरएल और लिंक पर क्लिक न करें।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति से या फोन पर कॉल पर अपनी निजी जानकारी और ओटीपी शेयर न करें। साइबर हेल्पलाइन 1930 और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर डिवीजन के नंबर 011-23438207 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
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