मुख्यमंत्री ने सुन्नी, लुहरी और धौलासिद्ध परियोजनाओं को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को पूर्व में एसजेवीएनएल को आवंटित की गई 382 मेगावाट सुन्नी, 210 मेगावाट लुहरी चरण-1 तथा 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजनाओं को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

Jul 2, 2026 - 20:25
 0  20
मुख्यमंत्री ने सुन्नी, लुहरी और धौलासिद्ध परियोजनाओं को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए

यंगवार्ता न्यूज शिमला 2 जुलाई, 2026' : 


मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को पूर्व में एसजेवीएनएल को आवंटित की गई 382 मेगावाट सुन्नी, 210 मेगावाट लुहरी चरण-1 तथा 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजनाओं को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जलविद्युत हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के समृद्ध जलविद्युत संसाधनों का अधिकतम लाभ यहां की जनता को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों से प्रदेश का उचित हिस्सा हासिल करने और जनहित में इनके बेहतर इस्तेमाल को सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठा रही है।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एनएचपीसी द्वारा विकसित की जा रही 500 मेगावाट डुग्गर जलविद्युत परियोजना की शर्तों एवं नियमों पर दोबारा बातचीत करने के भी निर्देश दिए क्योंकि एनएचपीसी ने परियोजना में बांध की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। ऐसे में राज्य सरकार संशोधित परियोजना के अनुरूप हिमाचल को उचित लाभ सुनिश्चित करने के हर संभव प्रयास करेगी।


श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने 422 मेगावाट किशाऊ बांध परियोजना से जुड़े पिछले आठ वर्षों से लंबित गतिरोध को भी समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत प्रदेश को इस परियोजना में कोई पूंजी निवेश नहीं करना होगा, जबकि राज्य को 211 मेगावाट मुफ्त बिजली प्राप्त होगी। इससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार, सचिव (ऊर्जा) राकेश कंवर, निदेशक ऊर्जा राकेश प्रजापति, एचपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow