न्यूज़ एजेंसी - नई दिल्ली 12-04-2026
बॉलीवुड की मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। आशा भोसले ने 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। आशा भोसले को 11 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उनका निधन हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आशा भोसले का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शनार्थ कल सुबह 11 बजे उनके आवास पर रखा जाएगा और अपराह्न चार बजे शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। आशा भोसले को शनिवार शाम छाती में संक्रमण और कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उनकी पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लिखा था। मेरी दादी , आशा भोसले , बहुत कमजोरी और छाती में संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं। हम आपसे उनकी निजता का सम्मान बनाए रखने की अपील करते हैं। पद्म विभूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित श्रीमती भोसले 50 , 60 और 70 के दशक के बॉलीवुड के संगीत के सुनहरे दौर की आखिरी जीवित हस्ती थीं। इस दौर में लता मंगेशकर , मोहम्मद रफ़ी , किशोर कुमार , मुकेश , मन्ना डे और खुद भोसले जैसी हस्तियां शामिल थीं। वह अपनी सुरीली आवाज़ और बहुमुखी प्रतिभा के लिए मशहूर थीं। उन्होंने फ़िल्मी संगीत, पॉप, ग़ज़ल, भजन, पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोकगीत, क़व्वाली और रवींद्र संगीत जैसे कई अलग-अलग तरह के संगीत में अपनी कला का प्रदर्शन किया।
उन्होंने 20 से ज़्यादा भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गाए हैं। आशा भोसले का सात दशकों तक शानदार करियर रहा है और उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे बहुमुखी और विपुल आवाजों में से एक माना जाता है। उन्होंने शास्त्रीय संगीत से लेकर समकालीन फिल्म संगीत तक, कई भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए हैं और वैश्विक स्तर पर उनके प्रशंसकों की एक बड़ी संख्या आज भी उन्हें पसंद करती है। संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें देश के कुछ सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया है जिनमें पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार शामिल हैं।