जेल में वार्डर्स पर हमला, कैदी ने नुकीले चम्मच और बैडमिंटन स्टिक से किए वार, वर्दी भी फाड़ी

चम्बा जिला जेल (राजपुरा) में सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के शक में तलाशी लेने गए जेल प्रहरियों (वार्डर) पर एक विचाराधीन कैदी ने धारदार चम्मच और टूटी बैडमिंटन स्टिक से जानलेवा हमला कर दिया

May 28, 2026 - 13:52
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जेल में वार्डर्स पर हमला, कैदी ने नुकीले चम्मच और बैडमिंटन स्टिक से किए वार, वर्दी भी फाड़ी

 चम्बा 28 मई, 2026 :

चम्बा जिला जेल (राजपुरा) में सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के शक में तलाशी लेने गए जेल प्रहरियों (वार्डर) पर एक विचाराधीन कैदी ने धारदार चम्मच और टूटी बैडमिंटन स्टिक से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में हैड वार्डर समेत दो जवान घायल हुए हैं और हाथापाई में उनकी वर्दी भी फट गई। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और अंदर मोबाइल फोन पहुंचने के नैटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस को दी गई शिकायत में सिरमौर जिले के पंजाहल (नाहन) निवासी और वर्तमान में चम्बा जेल में तैनात वार्डर अनिल कुमार ने खौफनाक रात का मंजर बयां किया। उन्होंने बताया कि 26 मई की रात 8 से 2 बजे तक राजपुरा स्थित जिला जेल के वार्ड ए में उनकी ड्यूटी थी। रात करीब 10:25 बजे उन्हें भनक लगी कि विचाराधीन कैदी परमिंदर उर्फ पिंडरी शौचालय के अंदर छिपकर मोबाइल पर बात कर रहा है।

वार्डर अनिल कुमार ने तुरंत इसकी सूचना ड्यूटी प्रभारी एमआर को दी। इसके बाद चीफ वार्डर के साथ बैरक नंबर की हवालात को खुलवाया गया। जब अधिकारियों ने कैदी परमिंदर से फोन के बारे में पूछताछ की और उसे सौंपने को कहा, तो वह आगबबूला हो गया। उसने एक नुकीले (धारदार) चम्मच से वार्डर अनिल पर जोरदार हमला कर दिया। जब हैड वार्डर विजय कुमार बीच-बचाव के लिए दौड़े तो आरोपी ने वहां पड़ी एक टूटी हुई बैडमिंटन स्टिक से उन पर भी ताबड़तोड़ वार कर दिए। हाथापाई में वार्डर की शर्ट की जेब फट गई और बटन टूट गए। हमले में वार्डर अनिल कुमार की गर्दन और दाहिनी कलाई पर गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, उन्हें बचाने आए हैड वार्डर विजय कुमार भी बुरी तरह जख्मी हो गए हैं।

जेल के अंदर हंगामा यहीं नहीं रुका। वार्ड ए में तलाशी और मारपीट के बाद जब घायल वार्डर बाहर निकल रहे थे, तभी वार्ड बी की खिड़की से एक अन्य विचाराधीन कैदी मंजीत नड्डा (नंद लाल नड्डा) ने माहौल बिगाड़ दिया। उसने जेल कर्मियों के साथ जमकर गाली-गलौज की और खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि उसके पास भी फोन है, हिम्मत है तो तलाशी लेकर दिखाओ। साथ ही उसने जेल कर्मियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दीं।

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