हिमाचल जैसे छोटे और पहाड़ी राज्य के लिए राजस्व घाटा अनुदान की सिफारिश न करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : भवानी सिंह पठानिया
केंद्र सरकार के हाल ही में पेश किए गए आम बजट को लेकर प्रदेश की राजनीति में तीखी बयानबाज़ी तेज हो गई है। फतेहपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से रूबरू
यंगवार्ता न्यूज़ - कांगड़ा 04-02-2026
केंद्र सरकार के हाल ही में पेश किए गए आम बजट को लेकर प्रदेश की राजनीति में तीखी बयानबाज़ी तेज हो गई है। फतेहपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए फतेहपुर के विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) भवानी सिंह पठानिया ने बजट को हिमाचल विरोधी बताते हुए केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रदेश के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को सीधे तौर पर घेरा।
भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे और पहाड़ी राज्य के लिए राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की सिफारिश न करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिमाचल का 67 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन एवं पारिस्थितिक आवरण से घिरा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में सेवाएं देने की लागत अधिक है और बीते वर्षों में राज्य को 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्राकृतिक आपदा नुकसान झेलना पड़ा है, फिर भी केंद्र ने राज्य को इस अहम सहारे से वंचित रखा।
पठानिया ने सांसदों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रदेश के लोकसभा और राज्यसभा सांसद हिमाचल के प्रतिनिधि कम और दिल्ली के संदेशवाहक अधिक नजर आते हैं।
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