प्रदेश में 35 से 55 आयु वर्ग की महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में,200 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि
हिमाचल प्रदेश में 35 से 55 आयु वर्ग की महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में आ रही हैं। आईजीएमसी में हर साल 3000 से 3200 कैंसर के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से 200 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि हो रही
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 24-02-2026
हिमाचल प्रदेश में 35 से 55 आयु वर्ग की महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में आ रही हैं। आईजीएमसी में हर साल 3000 से 3200 कैंसर के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से 200 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि हो रही है। जिला चंबा और सिरमौर से सर्वाइकल कैंसर के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
स्तन कैंसर के बाद दूसरे नंबर पर सर्वाइकल कैंसर है। शुरुआती लक्षण पाए जाने पर मरीज इस बीमारी से मुक्त हो जाता है, लेकिन सेकंड स्टेज पर 82 से 90 फीसदी और तीसरी स्टेज में 55 फीसदी तक मरीजों के ठीक होने की संभावना रहती है। चौथी स्टेज में मरीजों के 10 फीसदी ठीक हो सकता है।
आईजीएमसी में वर्ष 2020 से 2025 के बीच 1127 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि की गई। इनमें अधिकांश मरीज 35 से 55 वर्ष की आयु वर्ग की हैं, जो यह दर्शाता है कि मध्यम आयु वर्ग की महिलाएं इस बीमारी की अधिक चपेट में आ रही हैं। सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण है।
असुरक्षित यौन संबंध, कम उम्र में विवाह, बार-बार गर्भधारण और नियमित जांच का अभाव इसके जोखिम कारकों में शामिल हैं। शुरुआती चरण में इस कैंसर के लक्षण स्पष्ट नहीं होते, जिससे कई बार रोग का पता देर से चलता है। अनियमित रक्तस्राव, और असामान्य स्राव इसके प्रमुख संकेत माने जाते हैं।
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