प्रदेश में हाथोंहाथ बिक रही यूरिया खाद,किसानों और बागवानों के लिए इफको विक्रय केंद्र में खाद उपलब्ध

हिमाचल प्रदेश में यूरिया खाद तो पर्याप्त मात्रा में पहुंच गई है और हाथोंहाथ बिक रही है, मगर म्यूरेट ऑफ पोटाश खाद की किल्लत हो गई है। म्यूरेट ऑफ पोटाश खाद सेब के पौधों के लिए जरूरी

Mar 1, 2026 - 13:04
Mar 1, 2026 - 13:12
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प्रदेश में हाथोंहाथ बिक रही यूरिया खाद,किसानों और बागवानों के लिए इफको विक्रय केंद्र में खाद उपलब्ध

यंगवार्ता न्यूज़ - कुल्लू    01-03-2026

हिमाचल प्रदेश में यूरिया खाद तो पर्याप्त मात्रा में पहुंच गई है और हाथोंहाथ बिक रही है, मगर म्यूरेट ऑफ पोटाश खाद की किल्लत हो गई है। म्यूरेट ऑफ पोटाश खाद सेब के पौधों के लिए जरूरी है। कुल्लू यूरिया खाद की 30 हजार बोरियां हाथोंहाथ बिक गईं तो पूरे प्रदेश में भी इस खाद की खूब मांग है। 

किसानों और बागवानों के लिए इफको विक्रय केंद्र में खाद उपलब्ध है और इसे हिमफेड भी उपलब्ध करवा रहा है। राज्य के 12 जिलों के लिए आई यूरिया की खेप हाथोंहाथ बिकना शुरू हो गई है। इफको के विक्रय केंद्रों पर यूरिया खाद की खेप उपलब्ध है और किसान-बागवान इसे हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। 

प्रदेश में चार माह के सूखे के बाद विगत जनवरी के अंतिम सप्ताह में बारिश और बर्फबारी हुई थी।  इसके बाद से किसानों-बागवानों ने कृषि-बागवानी के कार्यों को तेज कर दिया है। ऐसे में यूरिया खाद की डिमांड लगातार बढ़ रही थी।  

इफको ने डिमांड पर चंडीगढ़ से 53,000 बोरियां यूरिया खाद की मंगवाई हैं और इनका वितरण भी विक्रय केंद्रों पर आरंभ कर दिया है। गौरतलब है कि यूरिया खाद का उपयोग किसान खेतों और बागवान अपने बगीचों में करते हैं। रबी सीजन की फसलों और सब्जियों की बेहतर पैदावार के लिए करते हैं।

इसके अलावा बागवान सेब, प्लम के पेड़ों के तौलियों बनाते हुए करते है, ताकि फल सीजन में सेब और प्लम के साथ अन्य फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन बेहतर हो सके। सर्दी के मौसम में यूरिया की डिमांड अधिक रहती है। 

वहीं, इफको ने किसानों-बागवानों को समय पर यूरिया खाद उपलब्ध करवाई है।  इससे उनकी खाद संबंधी परेशानी कम हुई है। इफको के फील्ड अधिकारी रोहित गलोटिया ने कहा कि जनवरी और फरवरी माह में हुई बारिश-बर्फबारी से मौसम कृषि-बागवानी के कार्यों के लिए अनुकूल बना हुआ है। 

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