आपदा प्रभावितों को मिलेगा राहत पैकेज , कैबिनेट में चर्चा के बाद आएगा बिल , राज्य के संसाधन सीमित , केंद्र से मांगी है मदद  : सुक्खू 

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हाल ही में आई आपदा के कारण प्रभावित परिवारों के लिए मंत्रिमंडल में विचार-विमर्श के उपरांत शीघ्र ही आपदा राहत पैकेज की घोषणा करेगी। राज्य सरकार के पास सीमित संसाधन हैं तथा केंद्र सरकार की उदार सहायता के अभाव में प्रभावितों परिवारों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति नहीं की जा सकती

Jul 18, 2025 - 12:13
Jul 18, 2025 - 12:18
 0  46
आपदा प्रभावितों को मिलेगा राहत पैकेज , कैबिनेट में चर्चा के बाद आएगा बिल , राज्य के संसाधन सीमित , केंद्र से मांगी है मदद  : सुक्खू 

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  18-07-2025

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हाल ही में आई आपदा के कारण प्रभावित परिवारों के लिए मंत्रिमंडल में विचार-विमर्श के उपरांत शीघ्र ही आपदा राहत पैकेज की घोषणा करेगी। राज्य सरकार के पास सीमित संसाधन हैं तथा केंद्र सरकार की उदार सहायता के अभाव में प्रभावितों परिवारों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति नहीं की जा सकती। इसलिए प्रदेश सरकार ने केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग की है, ताकि उन परिवारों के पुनर्वास में सहायता की जा सके, जिन्होंने अपने घर व्यवसाय एवं कृषि योग्य भूमि को आपदा के कारण खोया है। मुख्यमंत्री दिल्ली से लौटने के बाद गुरुवार को राज्य सचिवालय में मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से आपदा से हुए नुकसान के संबंध में विस्तृत चर्चा की और उन्होंने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। 
राज्य सरकार इस मामले में कोई श्रेय नहीं चाहती है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में आपदा प्रभावित लोगों के कल्याण के लिए किसी के समक्ष भी प्रदेश हित के मामले उठाने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष विभिन्न महत्त्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिनमें आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए वन अधिकार अधिनियम के तहत पांच बीघा भूमि प्रदान करना भी शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट के दौरान प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का व्यक्तिगत रूप से जायजा लेने का आग्रह किया गया है। अमित शाह ने शीघ्र ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का आश्वासन दिया है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भेंट के दौरान भुभु जोत टनल परियोजना सहित प्रदेशवासियों को लाभान्वित करने के लिए महत्वपूर्ण अधोसंरचना के निर्माण की परियोजनाओं में तेजी लाने का आग्रह किया है। सीएम का कहना है कि दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ शिमला के ढली में जमींदोज हुए भवन के संबंध में भी चर्चा की गई और उन्होंने प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया। राज्य सरकार ने सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से शिमला-मटौर फोरलेन के तहत शिमला-शालाघाट हिस्से में टनल निर्माण पर ध्यान देने का आग्रह किया है। इसके अलावा नालागढ़-पिंजौर तथा नालागढ़-गढ़ा मोड़ सडक़ परियोजना के निर्माण में तेजी लाने सहित ढली सैंज फोरलेन परियोजना का रामपुर तक विस्तार करने का आग्रह किया गया है। 
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि फलदार सेब के पौधों को काटना सही नहीं है तथा उच्च न्यायालय को सेब के पेड़ों की नीलामी के लिए प्रदेश सरकार को उचित समय देना चाहिए। वह इस मामले में कानूनी पहलुओं को समझने के लिए बागवानी मंत्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद राज्य सरकार सभी कानूनी विकल्पों के आधार पर निर्णय लेगी। गौरतलब है कि कोर्ट के आदेश के बाद शिमला जिला के कोटखाई और अन्य क्षेत्रों में वन भूमि पर लगाए गए सेब पौधों को काटने का अभियान चला हुआ है, जबकि सेब की फसल तैयार होने वाली थी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

src="https://sgp1.digitaloceanspaces.com/cdn.iqwing.co.in/uploads/Deeserve%20Media%202.2_.jpg" width="500" height="900" alt="Deeserve Media Poster" loading="lazy" />
src="https://sgp1.digitaloceanspaces.com/cdn.iqwing.co.in/uploads/Deeserve%20Media%202.2_.jpg" width="340" height="600" alt="Deeserve Media Poster" loading="lazy" />