यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 21-07-2026
हिमाचल प्रदेश में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई में एक अनूठी और सकारात्मक पहल 'भोजन संवाद' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का सीधा मकसद जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और सरकार के शीर्ष नेतृत्व के बीच की दूरी को खत्म करना है। इस पहल के आगाज के तहत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास ओक ओवर में पच्छाद और चौपाल विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता पहुंचे, जहां चौपाल से कांग्रेस नेता हरिकृष्ण हिमराल , रजनीश किमटा व विनोद जिंटा और पच्छाद से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर व दयाल प्यारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर ही उनका निदान किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संगठन ही सरकार का मुख्य आधार होता है, इसलिए प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों से मिलने वाले इसी प्रत्यक्ष फीडबैक के आधार पर जनहित की भावी योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए 'भोजन संवाद' कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। इस पहल के तहत मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर रहे हैं, जिसकी शुरुआत पच्छाद और चौपाल ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद से हुई।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सभी विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के साथ भोजन करते हुए उनके क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं को समझना और सरकार की योजनाओं का धरातल पर प्रभाव जांचना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संगठन ही सरकार का आधार होता है और कार्यकर्ताओं से मिलने वाले प्रत्यक्ष फीडबैक के आधार पर ही जनहित की नई योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन किया जाएगा। इसी दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के पेपर लीक मामलों पर भी अपना कड़ा रुख व्यक्त किया। स्वयं छात्र राजनीति की पृष्ठभूमि से जुड़े होने का हवाला देते हुए उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की पुरजोर निंदा की और कहा कि सरकार व कांग्रेस पार्टी इस तरह के रवैये का सख्त विरोध करती है।
उन्होंने माना कि छात्रों की मांगों पर समय रहते संवाद होना चाहिए था। इसके साथ ही पूर्व भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले शासनकाल में पुलिस भर्ती और अधीनस्थ चयन बोर्ड के माध्यम से परीक्षाओं के पेपर सरेआम बेचे गए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार के इस गढ़ पर नकेल कसते हुए दोषियों को सलाखों के पीछे धकेला है और राज्य में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की है, जिससे अब इस प्रकार की धांधलियों पर पूरी तरह विराम लग चुका है।