यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन 05-01-2026
प्रदेश के सीमावर्ती जिला सिरमौर में नशे के खिलाफ सिरमौर पुलिस ने पिछले एक साल में कड़ी कार्रवाई करते हुए नशा माफिया पर बड़ा शिकंजा कसा है। वर्ष 2024 के मुकाबले साल 2025 में ND&PS एक्ट के तहत करीब 90 प्रतिशत से भी अधिक मामले दर्ज किए गए है साथ ही भारी मात्रा में नशीला पदार्थ, नकदी और अवैध संपत्तियां जब्त की है। नाहन में मीडिया से बात करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि साल 2025 NDPS एक्ट में 191 मामले दर्ज कर 279 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। जबकि साल 2024 में 103 मामले दर्ज किए थे, जिनमें 159 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने 78 मामलों में 1.065 किलोग्राम हेरोइन/चिट्टा जब्त किया गया। इसके अलावा 54 मामलों में 31.45 किलोग्राम चरस, 7.805 किलोग्राम गांजा और 1020 भांग के पौधे बरामद किए गए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ हुई हुए वित्तीय जांच के दौरान पुलिस ने करीब 4 करोड़ 43 लाख 31 हजार 551 रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति को सीज किया गया है। वहीं पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत सख़्त कदम उठाते हुए वर्ष 2025 में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है वही पुलिस अधिकारी के मुताबिक गई और बड़े नशा तस्कर पुलिस की रडार पर है। जिला में पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया है जिसके तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्पेशल टीमें गठित की गई है साथ ही लोगों से भी लगातार सहयोग की अपील की जा रही है ताकि नशे का खात्मा किया जा सके। जिला सिरमौर में नशा माफिया के खिलाफ पुलिस की लड़ाई में वर्ष 2024 में सिरमौर पुलिस ने नशा माफिया के विरुद्ध ND&PS Act के अंतर्गत 103 अभियोग दर्ज किए थे जिसमें 159 लोगों को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया गया था। वर्ष 2025 में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिला सिरमौर में नशा माफिया का समूल नाश करने के लिये अपने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर नशा माफिया की धरपकड़ के लिये विभिन्न प्रकार से विशेष अभियान चलाये।
जिला के विभिन्न क्षेत्रों में स्पेशल टीमें भी गठित की जिसके परिणाम स्वरूप वर्ष 2025 में ND&PS Act के अंतर्गत कुल 191 अभियोग पंजीकृत करने में सफलता हासिल की है तथा 279 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है जो कि वर्ष 2024 के मुकाबले वर्ष 2025 में 90% अधिक हैं। इस अभियान के दौरान भारी मात्रा में नशा का सामान भी बरामद किया है जिसमें युवा वर्ग में फैलता जा रहा सबसे खतरनाक नशा हेरोइन/चिट्टा है जिसमें वर्ष 2025 में 78 अभियोग पंजीकृत किये और कुल 1.065 किलोग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया इसके अतिरिक्त 54 अभियोगों में 31.45 किलोग्राम चरस, 7.805 किलोग्राम गांजा व 1020 भाँग के पौधे, 25 अभियोगों में 2.303 किलोग्राम अफीम, 99.806 किलोग्राम भुक्की , 28.879 किलोग्राम डोडे व 1483 अफीम के पौधे, , 34 अभियोगों में -17314 नशीले कैप्सूल , 3778 नशीली गोलियां व 77 शीशियां सिरप बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इसी तरह नशा तस्करों से कैश- 2,42,220/- रुपये तथा नशा के इस व्यापार में संलिप्त 92.09 ग्राम सोने के गहने भी जब्त किये गये।
उन्होंने कहा कि जिला सिरमौर पुलिस की यह लड़ाई सिर्फ नशा तस्करों के खिलाफ ही नहीं , बल्कि उन वित्तीय लाभों के खिलाफ भी है जो इस व्यापार को बढ़ावा देते हैं। इस कड़ी में 06 अलग-2 मामलों में वित्तीय अन्वेषण के तहत अपराधियों की ₹ 4,43,31,551.53 (चार करोड़ तैतालीस लाख , इकतीस हजार, पाँच सौ इक्यावन रुपये तिरेपन पैसे ) की नकदी /अवैध सम्पत्ति प्राधिकृत प्राधिकारी से सुसंगत धाराओं के अंतर्गत सीज / फ्रिज की स्वीकृति / मंजूरी प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की है। यह महत्वपूर्ण जब्ती क्षेत्र में संचालित ड्रग नेटवर्क की आर्थिक नींव पर प्रहार करती है। इसके अतिरिक्त युवा पीढ़ी के नशे की लत से बचने व निकालने के लिये जिला सिरमौर पुलिस ने वर्ष 2025 में 207 नशा जागरूकता कैम्प भी लगाये जिसमें स्कूलों में जाकर व गाँव-2 में जाकर कुल 18000 विद्यार्थियों/लोगों को नशा से दुष्प्रभावों के बारे जागरूक किया व इससे बचने के उपाय बताये। असामाजिक तत्वों/नशा माफिया के लिए एक सख्त चेतावनी है कि सिरमौर में अपराध लाभदायक नहीं रहेगा।
सिरमौर पुलिस कृतसंकल्पित है कि नशा माफिया के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी तथा इस अवैध साधनों से अर्जित सभी संपत्तियों की पहचान करके जब्त करके अधिग्रहित ( forfeited ) की जाएगी तथा नशा माफिया को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। हम अपने समाज और युवाओं को नशे की गिरफ्त से मुक्त करने के लिए दृढनिश्चयी हैं। उन्होंने नशा माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आम जनता के सहयोग की भारी आवश्यकता है जिसके लिए पुलिस अधीक्षक, जिला सिरमौर की आम जनता से अपील है कि नशा तस्करों के बारे में अधिक से अधिक सूचनाएँ पुलिस को उपलब्ध करवायें ताकि इस नेटवर्क को पूर्णतया ध्वस्त करने में सफल हो सकें। यह सूचनाएँ पूर्णतया गुप्त रखी जाती है।