नशे को रोकने के लिए बच्चों के अभिभावकों को भी करें जागरुक , नशा मुक्त भारत अभियान की बैठक में एसडीएम ने दिए निर्देश

एसडीएम संजीत सिंह ने नशा मुक्त भारत अभियान से संबंधित विभागों के अधिकारियों, पंचायत जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे नशे के लगातार फैलते जाल को रोकने के लिए सिर्फ युवाओं एवं बच्चों को ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों को भी विशेष रूप से जागरुक करें। तभी नशे को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है

Nov 26, 2025 - 18:09
Nov 26, 2025 - 18:29
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नशे को रोकने के लिए बच्चों के अभिभावकों को भी करें जागरुक , नशा मुक्त भारत अभियान की बैठक में एसडीएम ने दिए निर्देश
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यंगवार्ता न्यूज़ - हमीरपुर  26-11-2025
एसडीएम संजीत सिंह ने नशा मुक्त भारत अभियान से संबंधित विभागों के अधिकारियों, पंचायत जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे नशे के लगातार फैलते जाल को रोकने के लिए सिर्फ युवाओं एवं बच्चों को ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों को भी विशेष रूप से जागरुक करें। तभी नशे को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। बुधवार को यहां जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय परिसर में नशा मुक्त भारत अभियान की उपमंडल स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम ने यह अपील की। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए व्यापक चर्चा की गई तथा विभिन्न गतिविधियों की रूपरेखा तय की गई। 
एसडीएम ने कहा कि किसी भी परिवार को हमारे देश और समाज की सबसे छोटी इकाई माना जाता है। इसलिए नशे जैसी गंभीर समस्या को समाप्त करने के लिए हमें परिवार से ही शुरुआत करनी होगी। एसडीएम ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों , पंचायत जनप्रतिनिधियों , सामाजिक संगठनों , सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग , पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों से कहा कि वे विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि वे अपने बच्चों के प्रति अधिक सचेत हो सकें। जिला हमीरपुर में पुलिस की नशा विरोधी मुहिम की सराहना करते हुए एसडीएम ने कहा कि अगर किसी परिवार, गांव या आस-पड़ोस का किशोर या युवा नशे की चपेट में आ जाता है तो इसे छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि उसका इलाज करवाना चाहिए। नशे की तस्करी में संलिप्त लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। यह सूचना हमेशा गुप्त रखी जाती है। 
उन्होंने कहा कि अगर हम इस समस्या को छिपाएंगे या इसके प्रति उदासीनता दिखाएंगे तो हो सकता है कि इस नशे की आग एक दिन हमारे अपने घर तक भी पहुंच सकती है। एसडीएम ने शिक्षण संस्थानों की 100 मीटर की परिधि में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के आदेशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने, पंचायत एवं ग्राम स्तर पर नशा विरोधी समितियों को सक्रिय करने तथा अभियान के तहत आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की रिपोर्ट नियमित रूप से तहसील कल्याण अधिकारी को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में समिति के सदस्य सचिव एवं तहसील कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने अभियान की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।  

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