केंद्र से बजट स्वीकृति पर भी नहीं बना नर्सिंग कॉलेज और मातृ शिशु अस्पताल , हिमाचल में तालाबंदी के तीन साल : डॉ बिन्दल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने हिमाचल कैबिनेट की उस निर्णय का कड़ा विरोध जताया है जिसमें नाहन मेडिकल कॉलेज भवन को शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है डॉ राजीव बिंदल मामले को लेकर नाहन में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज भवन को शिफ्ट करना सीधे तौर पर सिरमौर जिला की जनता के साथ अन्याय है सरकार ने 3 साल तक मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया

Oct 28, 2025 - 19:37
Oct 28, 2025 - 19:58
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केंद्र से बजट स्वीकृति पर भी नहीं बना नर्सिंग कॉलेज और मातृ शिशु अस्पताल , हिमाचल में तालाबंदी के तीन साल : डॉ बिन्दल
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यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  28-10-2025
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने हिमाचल कैबिनेट की उस निर्णय का कड़ा विरोध जताया है जिसमें नाहन मेडिकल कॉलेज भवन को शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है डॉ राजीव बिंदल मामले को लेकर नाहन में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज भवन को शिफ्ट करना सीधे तौर पर सिरमौर जिला की जनता के साथ अन्याय है सरकार ने 3 साल तक मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया और अब इसे शिफ्ट करने का फैसला लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल कॉलेज परिसर में केंद्र सरकार ने नर्सिंग कॉलेज निर्माण के लिए 70 करोड़ ,  माता और शिशु अस्पताल के लिए 21 करोड़ दिए है साथ ही 261 करोड रुपए मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए दिए हैं। 
मगर हैरानी इस बात की है कि नर्सिंग कॉलेज और मातृ शिशु अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है और मेडिकल कॉलेज के काम को भी रोक दिया गया है जिससे साफ जाहिर होता है कि सरकार ने नाहन मेडिकल कॉलेज में भी तालाबंदी की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए 120 बीघा जमीन उपलब्ध है  साथ ही पानी और बिजली की भी माकूल व्यवस्था है मगर फिर भी मेडिकल कॉलेज निर्माण को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है उन्होंने कहा कि यदि नए स्थान पर मेडिकल कॉलेज बनता है तो वहां व्यवस्थाएं जुटाने और परमिशन लेने में लंबा वक्त गुजर जाएगा। राजीव बिंदल ने आरोप लगाया कि नाहन विधानसभा के सीमावर्ती क्षेत्र कालाअंब में अवैध खनन की गतिविधियां जोरों पर चल रही है और मारकंडा नदी का सीना छलनी कर दिया गया है साथ ही यहां सीवरेज की लाइन और पेयजल लाइनों को भी बड़ा नुकसान पहुंच रहा है । उन्होंने कहा की प्रदेश के प्रवेश द्वार कालाअंब क्षेत्र में सड़कों की बदहाल स्थिति और जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों ने नारकीय स्थिति बना दी है मगर इस तरफ न तो प्रशासन और ना ही सरकार का कोई ध्यान है। 
राजीव बिंदल यह भी आरोप लगाया कि नाहन विधानसभा क्षेत्र के भीतर लगातार मौजूदा सरकार द्वारा विभिन्न संस्थानों को बंद किया जा रहा है जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यहां बड़ी संख्या में पटवार सर्कल, पशु औषधालय और स्वास्थ्य केंद्रों को बंद कर दिया गया है जो पूर्व सरकार द्वारा लोगों की सुविधा अनुसार खोले गए थे और बाकायदा यहां पर स्टाफ की तैनाती कर दी गई थी। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि नाहन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की सरकार व कांग्रेस के विधायक आने के बाद से तालाबंदी के तीन साल पूरे हो चुके हैं। काला-आम का क्षेत्र भारी भरकम कामकाज का क्षेत्र है। इलाके के विकास के लिए काला-आम में उप-तहसील खोली गई , 5 पटवार सर्कल खोले गए, पालियों, जोहड़ों, नागल सुकेती, विक्रमबाग-देवनी और आमवाला-सैनवाला सारे पटवार सर्कल व उप-तहसील इसलिए बन्द कर दिए गए क्योंकि ये भाजपा द्वारा खोले गए हैं। डा बिन्दल ने कहा कि आज हर रोज सैंकड़ों ग्रामीणों को अपने काम करवाने के लिए धक्के खाने पड़ते हैं। उप-तहसील व पटवार सर्कल बन्द करके कांग्रेस की सरकार ने काला-आम इलाके को क्या दिखा है ? खनन माफिया, खोद डाली नदियां, पहाड, तोड़ डाली सड़कें व पुल, विध्वंस कर दी सीवरेज व पेयजल योजनाएं, गंद के ढेर में तबदील कर दिया काला-आम क्षेत्र को। 
मोगीनंद, काला-आम, ओगली, नागल सुकेती, जोहड़ो, जाटांवाला त्रिलोकपुर की सभी सड़कों का बेड़ा गर्क कर दिया, ये तीन साल ताला बन्दी के तीन साल। डॉ. बिन्दल ने कहा कि सरकार आती है, अस्पताल व स्कूल खुलते हैं, नई चहल-पहल होती है परन्तु कांग्रेस की सरकार व माननीय विधायक ने पीएचसी व स्कूल खुलवाना तो दूर बंद करने का दौर चला रखा है। पंजाहल में शानदार पीएचसी बनाई थी, डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहा था, त्रिलोकपुर में पीएचसी खोली थी डॉक्टर रोगियों की सेवा कर रहा था, सैनवाला-मुबारकपुर में पीएचसी खोली थी, डॉक्टर इलाज कर रहा था, तीनो पीएचसी पर ताले लगा दिए, आज मरीज दर-दर की ठोकरें खा रहे हें। कोई पूछने वाला नहीं है, कोई बोलने वाला नहीं है, कोई जवाब नहीं है। जनता पूछना चाहती है कि ये तीन पीएचसी व एक भारापुर की सीएचसी बंद क्यों की गई ? जनता से क्या दुश्मनी थी। किसी भी सरकार में एक नई पीएचसी खुलवाना बहुत बड़ा काम होता है। बड़ी हिम्मत से ये खुलवाई गई थी जिन्हें बंद कर दिया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि डिकल कॉलेज व अस्पताल निर्माण के लिए 261 करोड़ रुपये केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा दिए गए हैं। 
300 बिस्तरों के अस्पताल निर्माण एवं संचालन के लिए नाहन में 120 बीघा जमीन मैडिकल कॉलेज के नाम है। 200 बिस्तरों का अस्पताल बना हुआ है, 300 बिस्तरों के अस्पताल के लिए 11 मंजिल के 2 भवन बनाए जा रहे थे जिसमें से एक भवन 7 मंजिल बन भी चुका है, वन विभाग की स्वीकृतियां लेने के बाद पेड़ काटे जा चुके हैं, लाखों लीटर पानी का टैंक व व्यवस्था की जा चुकी है परन्तु 3 साल से अस्पताल निर्माण का काम बंद पड़ा है और एकाएक ताला लगाने का फरमान जारी कर दिया है। 3 साल में नया अस्पताल बन कर तैयार हो जाता या मुख्यमंत्री उद्घाटन करते, जनता को समर्पित करते, जनता आशीर्वाद देती। डॉ. बिन्दल ने कहा कि 3 वर्षों में एक भी ईंट मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में नहीं लगी है, जो नाहन की जनता के साथ बड़ा अन्याय व धोखा है। 
मरीजों की लम्बी कतारें, बैठने की व्यवस्था का अभाव, विशेषज्ञों के लिए स्थान का अभाव, आईसीयू का अभाव ये सब 3 वर्षों में दूर होेने चाहिए थे, जो नहीं हुए। माता व शिशु अस्पताल निर्माण के लिए 21 करोड़ रू0 केन्द्र की मोदी सरकार ने, श्री जगत प्रकाश नड्डा जी ने दिए हुए हैं, स्थान चयनित था, फॉरेस्ट क्लीयरेंस व पेड़ काटे जा चुके हैं परन्तु 3 साल में वो पैसा भी खुर्द-फुर्द कर दिया गया। जच्चा-बच्चा के लिए बनने वाला अस्पताल भी मिट्टी कर दिया गया। 70 करोड़ रू0 नर्सिंग कॉलेज निर्माण के लिए भाजपा की सरकार ने 2 वर्ष पूर्व से स्वीकृत किया है, आज तक उस पर एक भी ईंट नहीं लगाई गई है। नाहन के विकास के नाम पर धोखा किया जा रहा है।
  

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