डायलिसिस सेंटर का भुगतान करे सरकार , सिर्फ आश्वासन से नहीं होगा उपचार : जयराम ठाकुर

मंडी से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार प्रदेश के किडनी पीड़ित मरीजों के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। प्रदेश भर में किडनी के मरीजों का डायलिसिस कर रहे अस्पतालों को बार-बार गुहार लगाने के बाद भी पैसा नहीं जारी किया जा रहा है। प्रदेश भर के 80 डायलिसिस सेंटर का 25 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है। अस्पताल चलाने वाले लोग कई बार जवाबदेह लोगों से मिलकर पेमेंट करने की गुहार लगा चुके

Jun 3, 2025 - 19:58
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डायलिसिस सेंटर का भुगतान करे सरकार , सिर्फ आश्वासन से नहीं होगा उपचार : जयराम ठाकुर
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यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी  03-06-2025
मंडी से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार प्रदेश के किडनी पीड़ित मरीजों के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। प्रदेश भर में किडनी के मरीजों का डायलिसिस कर रहे अस्पतालों को बार-बार गुहार लगाने के बाद भी पैसा नहीं जारी किया जा रहा है। प्रदेश भर के 80 डायलिसिस सेंटर का 25 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है। अस्पताल चलाने वाले लोग कई बार जवाबदेह लोगों से मिलकर पेमेंट करने की गुहार लगा चुके हैं। सरकार द्वारा उन्हें बार-बार कोई ना कोई तारीख भी दी गई है। इसके बाद भी उनका भुगतान नहीं हो पाया है। सरकार द्वारा भुगतान के लिए पहले 15 मई की तारीख भी दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 
सरकार के इस रवैए के कारण डायलिसिस सेंटर चला रहे अस्पताल भी परेशान हैं और उन्होंने बार-बार सरकार को आगाह भी किया है कि अगर उनका भुगतान नहीं हुआ तो उन्हें डायलिसिस सेंटर बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ऐसी परिस्थिति में किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज के लिए क्या विकल्प बचेंगे? वे लोग अपनी डायलिसिस कैसे करवाएंगे? सरकार इस तरीके से प्रदेश के लोगों को भगवान के भरोसे नहीं छोड़ सकती है। प्रदेश में पहले भी भुगतान के अभाव में डायलिसिस होना बंद हो चुका है। इसलिए मुख्यमंत्री मरीजों पर रहम करें और डायलिसिस समेत इलाज से संबंधित सभी बकाया धनराशि का भी अति शीघ्र भुगतान करें। सरकार द्वारा अभी भी हिम केयर और आयुष्मान की लगभग 400 करोड़ रुपए की देनदारी है। 
जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा इंपैनल की गई कंपनियां भी बकाया भुगतान के लिए भटक रही हैं। आए दिन अस्पतालों में या तो जांच बंद रहने या फिर जांच बंद किए जाने के अल्टीमेटम से जुड़ी खबरें सुर्खियां बनती हैं। इसी तरह एम्बुलेंस सेवा प्रदान कर रही कंपनियों द्वारा भी आए दिन कोई ना कोई शिकायत की जाती है और एंबुलेंस का संचालन रोकने का अल्टीमेटम मिलता रहता है। लोगों के जीवन से जुड़ी आपातकालीन सुविधाओं को लेकर सुख की सरकार का रवैया बहुत उदासीन है। ऐसा लगता है कि सरकार को लोगों के जीवन की कोई फिक्र ही नहीं है। ऐसा व्यवस्था परिवर्तन से प्रदेश के लोगों को नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री से मेरा आग्रह है कि वह लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना बंद करें।

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