शिमला में सीपीआई(एम) की दो दिवसीय बैठक संपन्न, महंगाई, शिक्षा और बिजली निजीकरण पर सरकारों को घेरा
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी की बैठक 16-17 जून, 2026 को पार्टी कार्यालय शिमला में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य सचिवालय सदस्य साथी ओंकार शाद में की तथा पार्टी केंद्रीय सचिवालय के सदस्य साथी विक्रम सिंह भी इसमें उपस्थित रहे।
केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व में मोदी सरकार देश के लोकतन्त्र पर हमला कर रही है और SIR के माध्यम से देश में लाखों लोगों के वोट के संवैधानिक अधिकार से वंचित कर रही है। इसमें केंद्रीय चुनाव आयोग सत्ता पक्ष के साथ मिलकर पक्षपातपूर्ण रूप से काम कर रहा है। और इसका असर अभी राज्यों में विधानसभा चुनाव में साफ तौर पर देखने को मिला है। पार्टी इसके खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। जिसे हिमाचल प्रदेश में भी चलाया जाएगा और लोगों को वोट के अधिकार की रक्षा के लिए लामबंद किया जाएगा। पार्टी केंद्र सरकार की मज़दूर किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करेगी।
देश व प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही नवउदारवादी नीतियों के कारण राज्य में भी आर्थिक संकट बढ़ा है और अर्थव्यवस्था गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। राज्य को मिलने वाली केंद्र की मदद में निरंतर कटौती से प्रदेश सरकार के बजट में कटौती की गई है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान(RDG) बन्द करने से प्रति वर्ष कम से कम 7000-8000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। जिससे प्रदेश पर कर्ज बढ़ेगा और प्रदेश और गंभीर आर्थिक संकट में जायेगा। प्रदेश पर वर्तमान समय में कर्ज 1लाख 8 हज़ार करोड़ रुपए के करीब हो गया है। सरकार इस राजस्व घाटे को कम करने के लिए आम जनता पर अधिक टैक्स का बोझ डाल रही है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए बजट में कमी की जा रही है और विकास प्रभावित हो रहा है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पेयजल, बिजली आदि सेवाओं में बजट में कटौती कर इनके निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। ऐसी स्थिति में सरकार प्रदेश के कर्मचारियों के वेतन व भत्ते भी समय पर देने में असमर्थ हो रही है। जिससे प्रदेश में सेवाएं चरमरा रही है। पार्टी केंद्र सरकार से मांग करती है कि राजस्व घाटा अनुदान(RDG) तुरन्त बहाल करे ताकि प्रदेश आर्थिक संकट से उभर सके।
प्रदेश सरकार केंद्र सरकार द्वारा लाई गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020(NEP) को प्रदेश में 2020 से लागू कर रही है। और अब तक सरकार ने 1500 करीब स्कूल या तो बन्द कर दिए हैं या उन्हें मर्ज़ कर दिया है और हाल ही में 10 कॉलेज बन्द करने का निर्णय भी सरकार ने लिया है। पार्टी सरकार के इस निर्णय का विरोध करती है और सरकार से मांग करती है कि इन स्कूलों व कॉलेजों को बंद करने के निर्णय को वापिस ले।
प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के दबाव में बिजली क्षेत्र को निजी कंपनियों को देने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में एक ओर बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर प्रदेश में मिल रही मुफ्त 125 यूनिट बिजली व सब्सिडी खत्म की जा रही है। सरकार पहले से ही तरह तरह के सेस बिजली बिल में लगा रही थी अब एक और नया सेस पावर परचेज सेस भी शुरु कर दिया है। इससे पिछले समय में बिजली के बिलो में भारी वृद्धि हुई है और लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। पार्टी सरकार द्वारा बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने, सेस बढ़ाने व बिजली के निजीकरण का विरोध करती है।
सरकार द्वारा लागू की जा रही नीतियों के कारण प्रदेश में कृषि संकट बढ़ा है। केंद्र सरकार द्वारा खाद की कीमत में की गई वृद्धि से किसानों की लागत कीमत बढ़ी है। सरकार कृषि व बागवानी में सब्सिडी में कटौती कर रही है। जिससे प्रदेश में कृषि व बागवानी क्षेत्र में उत्पादन व उत्पादकता घट रही है और एक ओर लगात कीमत बढ़ रही हैं और दूसरी ओर किसानों को उनकी फसल के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं।
पार्टी केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 11 जून, 2026 को पेट्रोल व डीज़ल को लेकर राशनिंग व पाबंदी की अधिसूचना को तुरन्त वापिस लेने की मांग करती है जिससे प्रदेश के किसानों को कृषि उपकरणों को चलाने के लिए पेट्रोल व डीज़ल देना बंद कर दिया है। यदि सरकार इस अधिसूचना को तुरन्त वापिस नहीं लेती है तो पार्टी किसानों को संगठित कर आंदोलन करेगी और पेट्रोल पंप पर प्रदर्शन व घेराव करेगी।
पार्टी राज्य कमेटी ने प्रदेश में पिछले दिनों हुई भारी ओलावृष्टि व वर्षा से सेब, नाशपाती, प्लम, खुमानी, मटर, गेहूं, गोभी आदि की फसल को हुए भारी नुक्सान पर गम्भीर चिंता व्यक्त करती है और सरकार से मांग करती है कि इसका आंकलन कर किसानों को तुरन्त मुआवजा दे तथा किसानों की कर्ज़ वसूली पर तुरन्त रोक लगाए। पार्टी मांग करती है कि सरकार मण्डी मध्यस्थता योजना(MIS) में बागवानों का बकाया भुगतान तुरन्त किया जाए और केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में मण्डी मध्यस्थता योजना(MIS) के बजट में जो कटौती की है उसे तुरंत बन्द किया जाए और राज्य सरकार का जो बकाया भुगतान है उसे तुरंत किया जाए।
पार्टी राज्य कमेटी किसानों के घरों व जमीन से बेदखली के खिलाफ तथा कब्जे वाली ज़मीन को नियमित करने को लेकर चलाए गए आंदोलन का समर्थन करती है और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर प्रदेश सरकार द्वारा जो नीति बनाई गई है उसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए केंद्र सरकार वन संरक्षण अधिनियम, 1980 में संशोधन कर कृषि के लिए भूमि देने का प्रावधान करे ताकि भूमिहीन गरीब परिवारों, गरीब किसान, दलित व आपदा प्रभावित परिवारों को प्रदेश सरकार ज़मीन दे सके।
पार्टी दूध उत्पादकों के द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन करती है तथा सरकार से मांग करती है कि दूध उत्पादकों को उनके दूध का घोषित मूल्य दिया जाए तथा उनकी समय रहते उनका भुगतान किया जाए। सरकार दूध संग्रहण की क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस योजना बनाकर प्रदेश के विभिन्न भागों में दूध चिलिंग प्लांट लगाए ताकि प्रदेश के किसानों को इसका लाभ मिल सके।
केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म कर वी बी ग्राम जी योजना लागू करने का जो काम किया और 125 दिनों का रोजगार देने का प्रावधान किया है परन्तु इसे अभी तक जमीनी स्तर पर नहीं लाया गया है। इसमें अब 90:10 के अनुपात से बजट के प्रावधान से हिमाचल प्रदेश पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा और इससे रोजगार के अवसर कम होगा। पार्टी केंद्र सरकार से मांग करती है कि प्रदेश में 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार बजट का प्रावधान करे।
पार्टी राज्य कमेटी ने प्रदेश में आर एस एस व बीजेपी तथा इनके सहयोगी संगठनों द्वारा सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाली घटनाओं की निंदा करती है और जनता से अपील करती है कि इस तरह का धर्म व जाति के नाम पर उन्माद फैलाने वाले संगठनों के खिलाफ एकजुट होकर इनका विरोध करे ताकि प्रदेश में आपसी भाईचारा व सौहार्द बनाया जा सके। पार्टी सभी जनसंगठनो, सामाजिक व अन्य संगठनों तथा प्रगतिशील विचार वाले लोगों से अपील करती हैं कि इन साम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर प्रदेश में शांति व अमन कायम करे।
राज्य कमेटी ने निर्णय लिया है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मजदूर किसान व आमजन की एकता कायम कर संघर्ष तेज करेगी।
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