दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मचारी 31 मार्च को होंगे नियमित : सीएम सुक्खू

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 31 मार्च को ही दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले नियमित होंगेहिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 31 मार्च को ही दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले नियमित होंगेहिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 31 मार्च को ही दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले नियमित होंगेहिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 31 मार्च को ही दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले नियमित होंगेहिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 31 मार्च को ही दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले नियमित होंगेहिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 31 मार्च को ही दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले नियमित होंगे

Dec 20, 2024 - 18:57
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दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मचारी 31 मार्च को होंगे नियमित : सीएम सुक्खू
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यंगवार्ता न्यूज़ -  शिमला    20-12-2024

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 31 मार्च को ही दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले नियमित होंगे। विधायक डॉ. जनकराज, लोकेंद्र कुमार, कुमारी अनुराधा राणा और सुरेंद्र शौरी के सवाल का जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि वर्तमान में अनुबंध कर्मचारियों को मूल वेतन का साठ प्रतिशत वेतन के तौर पर दिया जा रहा है। 

इन्हें वर्तमान में वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने का कोई भी निर्णय सरकार ने नहीं लिया है। अनुबंध कर्मचारियों को वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन नहीं जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में रिक्त क्रियाशील पदों को प्रशासनिक आवश्यकता अनुसार भरा जा रहा है। मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने रोजगार सृजन के लिए अभी तक कोई सिफारिश नहीं दी है। 

 हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को जीएसटी और एक्साइज विभाग की शक्तियां पुनर्गठित करने वाले तीन संशोधित विधेयक पारित हो गए है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने वीरवार को सदन में हिमाचल प्रदेश में यात्रियों और सामान पर कर लगाने का संशोधन विधेयक 2024, कराधान संशोधन विधेयक 2024 और मूल्य परिवर्धित कर संशोधन विधेयक 2024 पेश किया था।

शुक्रवार को सदन में तीनों विधेयक पारित किए गए। इन विधेयकों के तहत जीएसटी और एक्साइज विभाग के अधिकारियों की शक्तियाें का उल्लेख किया गया है। पहले जीएसटी और एक्साइज एक ही विभाग था। कुछ समय पूर्व सरकार ने इन्हें दो विंग में बांट दिया है। 

जीएसटी विंग जोन और सर्किल के तहत काम करेगा। एक्साइज विभाग जिला, जोन और सर्किल के तहत काम करेगा। प्रदेश सरकार ने इन दोनों विंग की शक्तियां केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार ही आवंटित की हैं। 

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