प्रदेश में पहाड़ों में बनी झीलें और पर्यटक वाहनों की संख्या बनी बादल फटने की वजह 

हिमाचल के पहाड़ों में बनी झीलें और साल दर साल बढ़ रही पर्यटक वाहनों की संख्या बादल फटने का कारण बन रही हैं। झीलों की तलहटी पर बिना ऑक्सीजन के अपशिष्ट सड़ने से पैदा हो रही मीथेन तापमान में बढ़ोतरी कर रही

Jul 5, 2025 - 12:22
Jul 5, 2025 - 12:24
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प्रदेश में पहाड़ों में बनी झीलें और पर्यटक वाहनों की संख्या बनी बादल फटने की वजह 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     05-07-2025

हिमाचल के पहाड़ों में बनी झीलें और साल दर साल बढ़ रही पर्यटक वाहनों की संख्या बादल फटने का कारण बन रही हैं। झीलों की तलहटी पर बिना ऑक्सीजन के अपशिष्ट सड़ने से पैदा हो रही मीथेन तापमान में बढ़ोतरी कर रही है। हिमाचल में बढ़ रही वाहनों की संख्या से कार्बन उत्सर्जन में वृद्धि से जलवायु परिवर्तन के कारण बादल फटने की घटनाओं में भारी इजाफा हो रहा है।

हिमाचल के जाने माने पर्यावरणविद् कुलभूषण उपमन्यु का कहना है कि हिमाचल की झीलों और बांधों में एनारोबिक अपघटन से कार्बन डाइऑक्साइड के मुकाबले 8 गुणा अधिक मीथेन पैदा हो रही है। झीलों की सतह पर जमा हुआ अपशिष्ट बिना ऑक्सीजन के सड़ता है, जिससे मीथेन गैस का उत्सर्जन होता है। मीथेन जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे बड़ा कारक है। 

हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर वाहनों की बढ़ती संख्या भी जलवायु परिवर्तन का कारण बन रही है। वाहन बढ़ने से कार्बन उत्सर्जन बढ़ रहा है। वाहनों से निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसें वातावरण में गर्मी बढ़ा रही हैं। मैदानों में ग्रीनहाउस गैसें फैल जाती हैं जबकि हिमालयी क्षेत्रों में पहाड़ों के बीच फंस जाता है और अधिक नुकसान करती हैं।

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