शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल ने स्थापित किए नए आयाम : रोहित ठाकुर
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज शिमला के एपीजी विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। विश्वविद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों ने मुख्यातिथि का भव्य स्वागत किया
विश्वविद्यालय के स्मार्ट सेमिनार हॉल और वेलनेस सेंटर का किया लोकार्पण
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 28-02-2026
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज शिमला के एपीजी विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। विश्वविद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों ने मुख्यातिथि का भव्य स्वागत किया। शिक्षा मंत्री को एपीजे विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ रमेश कुमार चौधरी ने सम्मानित किया। मुख्यातिथि ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शिक्षा मंत्री ने एपीजी विश्वविद्यालय के स्मार्ट सेमिनार हॉल और रिक्रिएशनल हब व वेलनेस सेंटर का लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यातिथि ने विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर का भी विमोचन किया। मुख्यातिथि ने अपने वक्तव्य में कहा कि देवभूमि हिमाचल को ऋषि मुनियों और विद्वानों की तपोभूमि माना जाता है। आज के समय में शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल ने नए-नए आयाम स्थापित किए हैं।
उन्होंने कहा कि आज हिमाचल की साक्षरता दर 99.3 फीसदी है तथा शिक्षा विभाग का बजट अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार नई-नई योजनाओं को लागू कर रही है। रोहित ठाकुर ने कहा कि युवा पीढ़ी देश की रीढ़ है और ऐसे में शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका रहती है।
निजी क्षेत्र के हितधारक शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दे रहे हैं। आज प्रदेश में कई निजी और सरकारी विश्वविद्यालय और एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है। देश और विदेशों के छात्र हिमाचल के इन संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में मेरिट के आधार पर प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में नए-नए बदलाव किए जा रहे हैं।
यह समय की मांग है इसलिए विभाग द्वारा भविष्य में भी इस तरह के बदलावों को लागू करके प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जाएगा। डिजिटल युग के अनुसार हमें स्वयं को परिवर्तित करना होगा। नए-नए कोर्स मौजूदा समय के अनुरूप शिक्षण संस्थानों में शुरू करने होंगे। 1300 स्कूलों को डिनोटिफाइ किया गया गए था जिनमें लगभग ढाई हजार स्टाफ तैनात था। लेकिन स्कूलों में बच्चों की संख्या न के बराबर थी। हमने कई स्कूलों को मर्ज कर दिया है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए कई कदम उठा रही है। गत दो वर्षों में शिक्षा विभाग के तहत 07 हजार से अधिक अध्यापक नियुक्त किए गए जबकि 04 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 600 पद सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के लिए भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में प्रदेश में 148 राजकीय पाठशालाओं को सीबीएसई से संबद्ध किया जा रहा है।
मुख्यातिथि ने मीडिया टीम के छात्र-छात्राओं, मूट कोर्ट में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों, एंटी रैगिंग में हिस्सा लेने वाले छात्रों, टैलेंट हंट के प्रतिभागियों, स्टूडेंट पार्लियामेंट के प्रतिभागियों और एकृति के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया ।
इसमें अदिति एवं मुस्कान ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। विश्वविद्यालय के छात्राओं ने पंजाबी नृत्य की प्रस्तुति दे कर खूब तालियां बटोरी। छात्र छात्राओं ने पहाड़ी लोक नृत्य पेश किया। इस मौके पर एचपीपीईआरसी सदस्य ललित कुमार, डॉ एच एस सेखों, डॉ शशिकांत, डॉ मनीषा कोहली, डॉ सीपी मेहता, डॉ दीपक गुप्ता, डॉ ज्योति धर शर्मा, एसएचओ छोटा शिमला ममता ठाकुर सहित कई मौजूद रहे।
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